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Rudraprayag: 24 घंटे बाद भी नहीं निकला समाधान, नगरासू गुरुद्वारा पर निहंग सिखों का कब्जा...कर्णप्रयाग में इंटरनेट बंद

Rudraprayag Gurudwara Clash : मामले को लेकर गुरुद्वारा संचालक बेहंत सिंह ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि छत पर चढ़े लोग वास्तविक और मान्यता प्राप्त निहंग सिख नहीं हैं। उनका कहना है क‍ि असली निहंग सिख किसी पंजीकृत संगठन अथवा समिति से जुड़े होते हैं, जबकि यहां मौजूद लोगों का किसी अधिकृत संस्था से संबंध नहीं है

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Jun 21, 2026 पर 7:56 PM
Rudraprayag: 24 घंटे बाद भी नहीं निकला समाधान, नगरासू गुरुद्वारा पर निहंग सिखों का कब्जा...कर्णप्रयाग में इंटरनेट बंद
Gurudwara Clash Nihang Sikh: कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय युवकों के बीच हुए विवाद के बाद तनाव लगातार बना हुआ है।

बीते मंगलवार को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय युवकों के बीच हुए विवाद के बाद तनाव लगातार बना हुआ है। जानकारी के अनुसार शनिवार देर शाम पंजाब से आये कुछ निहंग सिखों ने कर्णप्रयाग से आगे, रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारा पर कब्जा कर लिया है और वहां एक सेवादार को बंधक बना लिया है। वहीं नगरासू स्थित गुरुद्वारे में चल रहे निहंग सिख विवाद का 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल पाया है। गुरुद्वारे की छत पर चढ़े निहंग सिख अब भी अपने रुख पर कायम हैं, जिससे प्रशासन, गुरुद्वारा प्रबंधन और स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

अलर्ट मोड में प्रशासन 

जानकारी के अनुसार, छत पर डटे निहंग सिख 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई घटना के बाद जेल भेजे गए तीन निहंग सिखों की रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी कर रहे हैं। इस बीच क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं को रोक दिया गया है और ITBP के साथ ही PAC की टुकड़ी तैनात की गई है। वहीं कर्णप्रयाग, जहां झगड़े की शुरुआत हुई थी। वहां प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी है, जो एक जगह पर लोगों के इक्कठा होने को प्रतिबंधित करती है।

लग रहे हैं कई आरोप

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