Uttarakhand Landslide: केदारनाथ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा, चट्टान गिरने से दो तीर्थयात्रियों की दर्दनाक मौत

Uttarakhand Landslide: उत्तराखंड के सीनियर अधिकारियों ने बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी बरसाती नाले के पास बुधवार को भूस्खलन होने से उसकी चपेट में आए दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। जबकि एक महिला समेत तीन अन्य घायल हो गए। बुधवार सुबह करीब 11 बजे हुए भूस्खलन का शिकार हुए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है

अपडेटेड Jun 18, 2025 पर 2:29 PM
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Uttarakhand Landslide: बुधवार सुबह भूस्खलन का शिकार हुए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है

Uttarakhand Landslide: उत्तराखंड के केदारनाथ धाम जा रहे कुछ शिव भक्त हादसे का शिकार हो गए हैं। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बुधवार (18 जून) को केदारनाथ यात्रा ट्रेक रूट पर चट्टानें गिरने से दो तीर्थयात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी बरसाती नाले के पास बुधवार को भूस्खलन होने से उसकी चपेट में आए दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। जबकि एक महिला समेत तीन अन्य घायल हो गए। रुद्रप्रयाग के पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली सूचना के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 11 बजे हुए भूस्खलन का शिकार हुए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।

जानकारी के अनुसार, बरसाती नाले के पास ऊपर पहाड़ी से मलबा और पत्थर आने के कारण इस क्षेत्र से गुजर रहे कुछ यात्री तथा पालकी संचालक इसकी चपेट में आकर नीचे खाई में गिर गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस तथा जिला आपदा प्रबंधन बल की टीमें खाई में गिरे लोगों को निकाल कर ऊपर लाई।

घायलों में से एक महिला को हल्की चोटें आई हैं। जबकि दो पुरूष गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए गौरीकुंड भेजा गया है। हादसे का शिकार हुए लोगों की पहचान की जा रही है। इस बीच, पुलिस की मौजूदगी में यात्रियों की आवाजाही कराई जा रही है।


इससे पहले रविवार को केदारनाथ के पास एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दो वर्षीय बच्चे और पायलट सहित सभी सात लोगों की मौत हो गई। बेल 407 हेलिकॉप्टर गौरीकुंड और त्रियुगीनारायण के बीच गौरी माई खर्क के जंगलों में खराब मौसम के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

इस इलाके में रविवार को भी भूस्खलन हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। भूस्खलन के बाद यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। चार धाम यात्रा 2025 आधिकारिक तौर पर 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर वैदिक मंत्रोच्चार और अनुष्ठानों के बीच गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई। केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खोले गए थे।

हेलीकॉप्टर सेवा पर लगी रोक समाप्त

केदारनाथ में हेलीकॉप्टर हादसे के बाद चारधाम यात्रा मार्ग पर हेली सेवाओं के संचालन पर दो दिन के लिए लगाई गई रोक मंगलवार को समाप्त हो गई। लेकिन केदार घाटी में खराब मौसम के कारण केदारनाथ के लिए किसी हेलीकॉप्टर ने उड़ान नहीं भरी।

रविवार को केदारनाथ के पास आर्यन एवियेशन का एक हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिससे उसमें सवार सात लोगों की मृत्यु हो गई थी। इस हादसे के बाद चारधाम यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद कर दी गई थीं।

रुद्रप्रयाग के जिला पर्यटन अधिकारी और हेली सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने पीटीआई को बताया कि सरकार ने मंगलवार से हेलीकॉप्टर संचालन की अनुमति प्रदान कर दी थी। लेकिन प्रतिकूल मौसम के कारण केदारनाथ के लिए किसी हेलीकॉप्टर ने उड़ान नहीं भरी।

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मुख्यमंत्री ने रविवार को हेली सेवा बंद करने की घोषणा करते हुए कहा था कि स्थिति की अच्छी तरह से समीक्षा करने के बाद ही यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर संचालन शुरू किया जाएगा। चारधाम क्षेत्र में उड़ान भरने वाले पायलटों को अस्थिर मौसम, अत्यधिक उंचाई तथा संकरी घाटियों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

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