वाराणसी के नमो घाट पर सुरक्षा गार्डों की गुंडागर्दी, मामूली बहस में पर्यटकों पर बरसाए लाठी-डंडे, एक लड़के की हुई मौत

Varanasi News: मृतक किशोर की पहचान 17 वर्षीय राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का रहने वाला था। वह अपने पिता के साथ सब्जी बेचने का काम करता था। जानकारी के मुताबिक, राजेश शनिवार देर शाम अपने कुछ दोस्तों के साथ दवा लेने के लिए वाराणसी आया था

अपडेटेड May 24, 2026 पर 2:35 PM
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Varanasi News: वाराणसी के नमो घाट पर सुरक्षा गार्डों की गुंडागर्दी, मामूली बहस में पर्यटकों पर बरसाए लाठी-डंडे, एक लड़के की हुई मौत

वाराणसी (काशी) के मशहूर और खूबसूरत 'नमो घाट' से एक बेहद हैरान और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। यहां घूमने आए कुछ पर्यटकों के साथ वहां तैनात प्राइवेट सिक्योरिटी गार्डों और बाउंसरों ने इतनी बेरहमी से मारपीट की कि एक 17 साल के किशोर की जान चली गई, जबकि उसके कई साथी गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतक किशोर की पहचान 17 वर्षीय राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का रहने वाला था। वह अपने पिता के साथ सब्जी बेचने का काम करता था। जानकारी के मुताबिक, राजेश शनिवार देर शाम अपने कुछ दोस्तों के साथ दवा लेने के लिए वाराणसी आया था। दवा लेने के बाद रविवार की सुबह तड़के (करीब 3 से 4 बजे के बीच) सभी दोस्त बनारस के प्रसिद्ध नमो घाट पर घूमने चले गए।

क्या था पूरा विवाद?


प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जब ये लोग नमो घाट के गेट नंबर दो (रैंप गेट) के पास पहुंचे, तो वहां तैनात प्राइवेट गार्डों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। गार्ड्स का कहना था कि इस समय घाट बंद है। इसी बात को लेकर पर्यटकों और गार्ड्स के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

यह विवाद तब और गहरा गया क्योंकि हाल ही में वाराणसी के अधिकारियों (DCP काशी) ने यह साफ किया था कि पर्यटकों के लिए घाट 24 घंटे खुला रहता है। इसी बात पर जब पर्यटकों ने आपत्ति जताई, तो सुरक्षाकर्मियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

लाठी-डंडों से किया हमला, दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

बहस देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि वहां मौजूद 10 से 12 सुरक्षा गार्ड्स और बाउंसरों ने मिलकर पर्यटकों को घेर लिया और उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गार्डों ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए युवकों को घाट पर दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटा।

इस भयंकर मारपीट में राजेश (चिंटू) के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। उसके साथ आए अन्य दोस्त भी इस हमले में चोटिल हो गए। जब घाट पर अफरा-तफरी मची और स्थानीय लोग जुटने लगे, तब जाकर गार्ड्स ने उन्हें छोड़ा।

अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, पुलिस की कार्रवाई

खून से लथपथ राजेश को उसके दोस्त और स्थानीय लोग तुरंत नजदीकी मंडलीय अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने राजेश को देखते ही 'मृत घोषित' (Brought Dead) कर दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही आदमपुर थाने की पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से ही चार सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर लिया है।

आगे की जांच जारी

पुलिस प्रशासन का कहना है कि नमो घाट और उसके आसपास लगे सभी CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि हमले में शामिल बाकी फरार गार्डों और बाउंसरों की पहचान की जा सके। पुलिस ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। इस घटना के बाद से पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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