Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के एक जवान की मां का इलाज के दौरान हाथ काटे जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। कथित तौर पर CMO की जांच रिपोर्ट में अस्पताल प्रशासन को क्लीन चिट मिलने से नाराज ITBP के दर्जनों हथियारबंद जवानों ने शनिवार (23 मई) को कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ऑफिस को घेर लिया। इस दौरान दोबारा जांच के आश्वासन के बाद ही तनाव शांत हुआ।
मामले में सीएमओ को आरोपी कृष्णा अस्पताल के डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाया है। जवानों ने सीएमओ की स्पष्ट जांच रिपोर्ट न देने का आरोप लगा पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की। 'अमर उजाला' के मुताबिक, आईटीबीपी के करीब 100 जवानों ने शनिवार सुबह 11:15 बजे कानपुर पहुंचकर पुलिस कमिश्नर ऑफिस का घेराव किया। हालांकि, ITBP के अधिकारी का कहना है कि वो पुलिस कमिश्नर से मीटिंग करने गए थे। इस दौरान ये जवान उनके साथ गए थे।
आरोप है कि आईटीबीपी जवान की मा का गलत इलाज हुआ। अस्पताल ने जवान की मां का हाथ काट दिया। लेकिन पुलिस ने केस दर्ज करने में आनाकानी की। इससे जवान थाने को घेरने पहुंच गए। आरोप है कि टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल की लापरवाही के चलते जवान की मां का हाथ काटा गया था।
इसके बाद ITBP जवान 3 दिन तक अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर इंसाफ के लिए दर-दर भटकता रहा। जवान ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। जवान का आरोप है कि मेडिकल लापरवाही के कारण उसकी मां का हाथ काटना पड़ा। उसका दावा है कि अधिकारियों के पास बार-बार जाने के बावजूद किसी ने भी उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई!
देश की सीमाओं पर तैनात जवान का वीडियो जमकर वायरल हुआ था। लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। वायरल वीडियो में वह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर के दफ्तर से दूसरे ऑफिस भटक रहा है। उसे देखकर लोगों में भारी गुस्सा और दुख की लहर दौड़ गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जवान की मां को शुरुआत में सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उन्हें इलाज के लिए पारस अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन, रास्ते में तेज दर्द होने के कारण उन्हें कानपुर के कृष्णा अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। जवान का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही के चलते उसकी मां के हाथ में गंभीर इन्फेक्शन फैल गया।
जब उनकी हालत और बिगड़ी, तो उन्हें पारस अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि इन्फेक्शन बहुत ज्यादा फैल चुका है। उनकी जान बचाने के लिए उनका दाहिना हाथ काटना पड़ेगा। इसके बाद 17 मई को सर्जरी करके उनका हाथ काट दिया गया। ITBP जवान का दावा है कि उसने अस्पतालों की लापरवाही की शिकायत लेकर कई बार रेल बाजार पुलिस थाने के चक्कर लगाए। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मां का कटा हुआ हाथ लेकर भटकता रहा जवान
बेबस होकर, जवान आखिरकार अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर के दफ्तर पहुंच गया। परिवार ने इस हाथ को कथित तौर पर एक फ्रीजर में संभालकर रखा था। हालांकि, वहां भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तब उसने अपने सीनियर को इसके बारे में जानकारी दी। कृष्णा हॉस्पिटल पर लापरवाही के आरोपों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को क्लीन चिट दिए जाने से नाराज दर्जनों जवान कमिश्नरेट पहुंच गए।
सीएम योगी से करेंगे मुलाकात
मौके पर ITBP के अधिकारी भी मौजूद रहे और पुलिस कमिश्नर से बातचीत की। आईटीबीपी के जवान ने आरोप लगाया कि जिस बीमारी का इलाज ही नहीं हुआ, स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रिपोर्ट में उसी का जिक्र कर अस्पताल को राहत दे दी। ITBP के पीड़ित जवान विकास सिंह ने बताया कि वह बहुत जल्द सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे।