कल का मौसम 14 जून: 13 राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट, कहां कहर बरपाएगा सूरज और कहां आसामान से बरसेगा पानी, जाने अपने इलाके का मौसम
Weather Forecast June 14: सीधे शब्दों में कहें तो- एक तरफ से मानसून आगे बढ़ रहा है, दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ दबाव बना रहा है, और बीच में मौसमी द्रोणिका इन दोनों को जोड़ रही है, इसीलिए देश का बड़ा हिस्सा इन दिनों मौसमी उथल-पुथल की चपेट में है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने आम लोगों को कुछ जरूरी सलाह दी हैं जिन्हें हर किसी को ध्यान रखना चाहिए
MoneyControl News
अपडेटेड Jun 13, 2026 पर 8:01 PM
कल का मौसम 14 जून: 13 राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट, कहां कहर बरपाएगा सूरज और कहां आसामान से बरसेगा पानी, जाने अपने इलाके का मौसम
उत्तर हरियाणा के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जो समुद्र तल से 3.1 से 4.5 Km की ऊंचाई के बीच बना हुआ है। इसी के साथ हरियाणा के ऊपर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। पाकिस्तान से लेकर बांग्लादेश तक राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और गंगीय पश्चिम बंगाल को पार करते हुए एक मौसमी द्रोणिका (Seasonal Trough) सक्रिय है। इसके अलावा पूर्वी असम के ऊपर और उत्तरी तटीय तमिलनाडु के ऊपर भी ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। दक्षिण तेलंगाना के ऊपर भी 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
सीधे शब्दों में कहें तो — एक तरफ से मानसून आगे बढ़ रहा है, दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ दबाव बना रहा है, और बीच में मौसमी द्रोणिका इन दोनों को जोड़ रही है, इसीलिए देश का बड़ा हिस्सा इन दिनों मौसमी उथल-पुथल की चपेट में है।
आज रात तक किन राज्यों में क्या खतरा?
राजस्थान में आज सबसे खतरनाक स्थिति है। पश्चिमी राजस्थान में 60-70 किमी/घंटा की तेज हवाओं के साथ 80 किमी/घंटा तक के झक्कड़ और धूल भरी आंधी का अलर्ट है। पूर्वी राजस्थान में भी इसी तरह का भीषण तूफान आने की आशंका है।
उत्तर प्रदेश- पूर्वी हिस्सों में आज भारी बारिश के साथ 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार तक के झक्कड़ की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40-50 किमी/घंटा की गरज-तूफान की आशंका है।
दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब में आज बिजली कड़कने के साथ 40-50 किमी/घंटा की तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
बिहार में 50-60 किमी/घंटा के झक्कड़ का अलर्ट है।
मध्यप्रदेश — पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में आज 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार तक के झक्कड़ का खतरा है।
असम और मेघालय में आज अत्यंत भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी बरकरार है।
इसके अलावा केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में भी भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी है।
गर्मी का कहर- जैसलमेर में 46°C
मौसम की मार सिर्फ बारिश और तूफान तक नहीं है। जैसलमेर (राजस्थान) में कल का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो पूरे देश में सर्वाधिक रहा। विदर्भ में 13 से 15 जून तक लू चलने की चेतावनी है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 13-14 जून को लू के थपेड़े पड़ सकते हैं। ओडिशा, कोंकण-गोवा और तटीय आंध्र प्रदेश में उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हो सकते हैं।
वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो आज मैदानी इलाकों में हरदोई और नजीबाबाद (उत्तर प्रदेश) तथा नारनौल (हरियाणा) में सबसे कम तापमान 19°C रिकॉर्ड हुआ।
पिछले 24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई?
कल सुबह 8:30 बजे से आज सुबह 8:30 बजे तक की बारिश के आंकड़े देखें तो सबसे अधिक बारिश दक्षिण कर्नाटक के थोंडेभवी (चिकबल्लापुर) में 14 सेमी दर्ज की गई। तेलंगाना के गंभीरापेट और गंडीड में 9-9 cm, केरल के मंजेरी में 9 सेमी, तटीय आंध्र प्रदेश के अटचम्पेट में 9 सेमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कानपुर (अनकिंघाट) में 7 सेमी बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश के गुलेर (कांगड़ा) में भी 7 सेमी बारिश दर्ज की गई।
पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई जबकि विदर्भ में लू का असर बना रहा।
अगले 7 दिन का हाल — राज्यवार नजरिया
पूर्वोत्तर भारत- असम, मेघालय, अरुणाचल, मणिपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा और नागालैंड में पूरे सात दिन व्यापक से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 17-19 जून को अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में बहुत भारी बारिश की विशेष चेतावनी है।
दक्षिण भारत- तटीय कर्नाटक और केरल में 13 से 19 जून तक लगातार व्यापक बारिश होती रहेगी। तमिलनाडु में अगले 3 दिन बिखरी हुई बारिश रहेगी।
उत्तर-पश्चिम भारत- दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में आज के बाद बारिश छिटपुट हो जाएगी और 18-19 जून को फिर थोड़ी बढ़ सकती है। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पूरे सप्ताह बिखरी हुई बारिश बनी रहेगी।
पूर्वी भारत- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश होगी। बिहार और झारखंड में छिटपुट बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
क्या करें, क्या न करें?
मौसम विभाग ने आम लोगों को कुछ जरूरी सलाह दी हैं जिन्हें हर किसी को ध्यान रखना चाहिए —
तूफान और बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें, सभी बिजली के उपकरण अनप्लग कर दें और पानी भरे इलाकों से दूर रहें। कच्चे मकानों में रहने वाले लोग तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। यात्रा बिल्कुल ज़रूरी न हो तो टालें और घर से निकलने से पहले रास्ते की स्थिति ज़रूर जाँचें।
लू वाले इलाकों- खासकर विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा — में दोपहर की धूप से बचें, भरपूर पानी पिएं और ORS, लस्सी, नींबू पानी या छाछ का सेवन करें।