'हमें तैयार और सतर्क रहना होगा...', ईरान-अमेरिका जंग के बीच पीएम मोदी ने कही ये बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर मुश्किल का सामना हमें धैर्य और शांत दिमाग से करना चाहिए। यही हमारी पहचान और ताकत है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में हमें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि कुछ लोग हालात का फायदा उठाकर अफवाहें फैला सकते हैं, जिन्हें हमें सफल नहीं होने देना है

अपडेटेड Mar 23, 2026 पर 3:21 PM
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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान-इजरायल के ताजा हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपनी बात रखी।

US-Iran War : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान-इजरायल के ताजा हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर लोकसभा में संबोधित करते हुए कहा कि, इस सदन में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और भारत पर असर पर बात रखने के लिए आया हूं। इस समय वहां हालात चिंताजनक हैं। इस युद्ध के कारण दुनिया में मुश्किल हालात पैदा हो गए हैं और यह स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसलिए हमें सतर्क रहने के साथ-साथ एकजुट रहना होगा। उन्होंने याद दिलाया कि COVID के समय भी हमने मिलकर ऐसी चुनौतियों का सामना किया था और अब एक बार फिर उसी तरह तैयार रहने की जरूरत है।

'हमें और ज्यादा सतर्क रहना पड़ेगा'


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर मुश्किल का सामना हमें धैर्य और शांत दिमाग से करना चाहिए। यही हमारी पहचान और ताकत है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में हमें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि कुछ लोग हालात का फायदा उठाकर अफवाहें फैला सकते हैं, जिन्हें हमें सफल नहीं होने देना है। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों से भी अपील की कि वे इस दौरान खास ध्यान रखें, क्योंकि संकट के समय कालाबाजारी और जमाखोरी बढ़ने का खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जब देश की सरकारें और नागरिक मिलकर काम करते हैं, तो हर चुनौती का सामना आसानी से किया जा सकता है।

अबतक तीन लाख से ज्यादा  भारतीय लौटे देश 

संघर्ष को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बताया कि, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3,75,000 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित अपने देश लौट चुके हैं। ईरान से करीब 1,000 लोगों को वापस लाया गया है, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल के छात्र हैं। हालात को देखते हुए CBSE ने खाड़ी देशों के स्कूलों में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं और छात्रों की पढ़ाई बिना रुकावट जारी रहे, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के लिए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है, जहां से कच्चा तेल, गैस, खाद और कई जरूरी सामान देश में आता है। लेकिन युद्ध के कारण इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। इसके बावजूद सरकार कोशिश कर रही है कि पेट्रोल, डीज़ल और गैस की सप्लाई पर ज्यादा असर न पड़े।

प्रधानमंत्री ने बताया कि देश अपनी LPG की लगभग 60% जरूरत आयात से पूरी करता है। ऐसे में सप्लाई को ध्यान में रखते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है और LPG का उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है। साथ ही, पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य बनी रहे, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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