पश्चिम बंगाल के ग्रामीण विकास और रोजगार क्षेत्र के लिए एक बेहद अच्छी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने राज्य के लिए धन का पिटारा खोलते हुए एक रोजगार योजना के तहत भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इसके अलावा गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम से एक राज्यव्यापी आउटरीच कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए इन बड़े वित्तीय आवंटनों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने VB-G RAM G योजना के तहत पश्चिम बंगाल के लिए 8500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। सीएम ने बताया कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) योजना ने अब पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA/मनरेगा) की जगह ले ली है।
इस नई योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी देती है। पुरानी व्यवस्था के मुकाबले इसमें कार्यदिवसों की संख्या को बढ़ाया गया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तगड़ा बूस्ट मिलेगा।
ग्रामीण सड़कों के लिए मंजूर हुए 2400 करोड़, 1000 करोड़ रुपये जारी
रोजगार मिशन के अलावा गांवों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। सीएम ने बताया कि ग्राम सड़क योजना के तहत पश्चिम बंगाल के लिए 2400 करोड़ रुपये के कुल आवंटन को मंजूरी दी गई है। इस स्वीकृत राशि में से 1000 करोड़ रुपये की पहली किस्त केंद्र सरकार द्वारा रिलीज (जारी) भी कर दी गई है। इस फंड के आने से राज्य के ग्रामीण इलाकों में सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में धुआंधार तेजी आने की उम्मीद है।
नंदीग्राम से शुरू हुआ जन कल्याण शिविर, 54 योजनाओं का मिलेगा लाभ
नंदीग्राम से इस लोक कल्याणकारी अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने 'जन कल्याण शिविर' कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई। यह पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का इस तरह का पहला बड़ा जन-संपर्क और आउटरीच कार्यक्रम है। यह विशेष शिविर 15 जून से शुरू होकर 17 जून तक (तीन दिन) आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य भर में ऐसे 1100 शिविर लगाए गए हैं।
इन कैंपों का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक तय किया गया है। यहां आकर आम जनता केंद्र और राज्य सरकार की 54 अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ले सकती है और सीधे रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन फॉर्म जमा कर सकती है। इन 54 योजनाओं में प्रमुख रूप से अन्नपूर्णा योजना और आयुष्मान भारत जैसी बड़ी योजनाएं भी शामिल हैं। अभियान के पहले ही दिन आवेदन करने वालों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।
फर्जी लाभार्थियों पर कसता शिकंजा
मुख्यमंत्री ने अपनी घोषणा में पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि पिछली व्यवस्था के दौरान लाभार्थियों के डेटाबेस में काफी गड़बड़ियां और अनियमितताएं सामने आई थीं, जिन्हें अब सुधारा जा रहा है। सरकार का मुख्य मकसद फर्जी खाताधारकों को हटाकर केवल वास्तविक और असली हकदारों तक ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।