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Bengal Election 2026: बंगाल चुनाव से पहले TMC में कलह तेज, पार्टी के दो गुटों में हिंसक झड़प

West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल के भांगर में रविवार (4 जनवरी) को फिर से तनाव देखा गया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। एक गुट का नेतृत्व अरबुल इस्लाम के बेटे हकीमुल कर रहे थे। जबकि दूसरा स्थानीय TMC विधायक शौकत मुल्ला के साथ था। इस दौरान मारपीट, तीखी बहस और गाड़ियों में तोड़फोड़ से इलाके में अफरा-तफरी मच गई

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jan 04, 2026 पर 8:14 PM
Bengal Election 2026: बंगाल चुनाव से पहले TMC में कलह तेज, पार्टी के दो गुटों में हिंसक झड़प
Bengal Election 2026: रविवार 4 जनवरी को फिर से तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच झड़प हो गई

West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल के भांगर में रविवार (4 जनवरी) को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की आंतरिक कलह फिर से उभर सामने आ गई। दक्षिण 24 परगना जिले के कुछ हिस्सों में TMC के अंदर दो खेमों के बीच हिंसक झड़प हुई। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। यह घटनाक्रम इस साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले सामने आया है। इस घटना का तात्कालिक कारण काशीपुर क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरबुल इस्लाम के बेटे हकीमुल इस्लाम की कार पर कथित हमला था।

पुलिस ने बताया कि गाड़ी बरामद होने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। अरबुल के स्वामित्व वाले एक पेट्रोल पंप के पास दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच झड़प हुई, जहां हकीमुल मौजूद थे। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें कथित तौर पर प्रतिद्वंद्वी समूहों के बीच तीखी बहस, धमकियों और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते देखा जा सकता है।

पुलिस ने बताया कि शामिल लोगों की पहचान करने के लिए फुटेज की जांच की जा रही है। हकीमुल ने आरोप लगाया कि हमलावर कैनिंग ईस्ट क्षेत्र के विधायक शौकत मुल्ला के समर्थक थे। उन्हें भांगर के लिए तृणमूल कांग्रेस का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

हकीमुल ने दावा किया, "उन्होंने पहले मेरी गाड़ी पर हमला किया और फिर हमारे पेट्रोल पंप पर आए। यह जानबूझकर किया गया था।" शौकत खेमे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हकीमुल और उनके सहयोगी अशांति फैलाने के इरादे से मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि इनमें तृणमूल नेता प्रदीप मंडल भी शामिल थे।

विपक्षी दलों ने तुरंत तृणमूल कांग्रेस को निशाना बनाया। माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने हिंसा को लूट और सत्ता को लेकर आंतरिक कलह का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, "मौजूदा प्रशासन में इस तरह की हिंसा कोई नई बात नहीं है।"

BJP प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया, "तृणमूल में व्याप्त अत्यधिक भ्रष्टाचार के कारण अब मुसलमान आपस में लड़ रहे हैं।" तृणमूल नेतृत्व ने हिंसा से खुद को अलग करने की कोशिश की। पार्टी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों को अनुशासित पार्टी सदस्य नहीं माना जा सकता।

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