Sakat Chauth Vrat Katha: सकट चौथ के व्रत का हिंदू धर्म में बहुत महत्व बताया गया है। इस दिन माताएं अपनी संतान की सुख-समृद्धि के साथ ही उस पर आने वाले संकटों से मुक्ति के लिए प्रार्थना करती हैं। इस दिन भगवान गणेश, सकट चौथ माता और चंद्रमा की पूजा की जाती है। शाम को चंद्रोदय के बाद चंद्रमा के दर्शन और पूजा करने के बाद अर्घ्य अर्पित किया जाता है। इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य दिए बिना व्रत अधूरा माना जाता है। आज के दिन देवरानी-जेठानी की पौराणिक कथा कहने या सुनने का भी बहुत महत्व है। आइए जानें क्या है ये कथा और आज चंद्रोदय का समय क्या रहेगा
