Sakat Chauth Vrat Moonrise Time: सकट चौथ का व्रत हर साल माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है। इस दिन माताएं व्रत करती हैं और भगवान गणेश और सकट माता से अपनी संतान पर आने वाले संकटों से रक्षा की कामना करती हैं। शाम को चंद्रमा निकलने के बाद दर्शन-पूजन करती हैं और अर्घ्य अर्पित करती हैं। इसके बिना आज की पूजा अधूरी मानी जाती है। इस साल सकट चौथ का व्रत आज किया जा रहा है।
आइए जानें आज चंद्रमा की पूजा और अर्घ्य देने की क्या विधि रहेगी? साथ ही यह भी जानें कि आपके शहर में चंद्रमा कितने बजे निकलेगा? सकट चौथ के दिन चंद्रोदय का समय स्थान के अनुसार अलग- अलग हो सकता है। आमतौर पर चांद रात के समय निकलता है और इसी दौरान दूध, जल और तिल से चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। व्रती महिलाएं चंद्र दर्शन के बाद ही प्रसाद ग्रहण करती हैं।
चंद्रदेव की पूजा और अर्घ्य के बिना अधूरा है व्रत
सकट चौथ का व्रत चंद्र दर्शन और उन्हें अर्घ्य दिए बिना अधूरा माना जाता है। आज के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देना बहुत जरूरी होता है। इसलिए माताएं आज पूरे दिन व्रत रखकर चांद निकलने का इंतजार करती हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद भगवान गणेश की पूजा और आरती की जाती है, फिर व्रत खोला जाता है।
चंद्रमा को अर्घ्य इस तरह दें
अलग-अलग शहरों में चांद निकलने का समय
देशभर में लगभग 8 बजकर 55 मिनट से सकट चौथ का चांद दिखने लगेगा। हालांकि देश के विभिन्न हिस्सों में चांद निकलने का समय अलग-अलग हो सकता है।