Free Bus Scheme In West Bengal: पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार (1 जून) को सभी रूट्स पर सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की शुरुआत कर दी। इससे महिला यात्रियों में खुशी देखी गई। सुबह के व्यस्त समय में काम पर जाने वाली महिलाओं ने सरकारी बसों के फेरे बढ़ाने की मांग की। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक पदाधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादे के मुताबिक शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की शुरुआत की है।
बालीगंज स्टेशन से मध्य कोलकाता के पार्क स्ट्रीट स्थित अपनी कंपनी के लिए बस में चढ़ने के दौरान माला बिस्वास नामक महिला यात्री ने कहा, "मैं खुश हूं, लेकिन सरकारी बसों के फेरे बढ़ाने की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद से सरकारी बसों की संख्या में भारी कमी आई है।
दक्षिण कोलकाता के गरियाहाट से आईटी हब सॉल्ट लेक सेक्टर पांच जा रही सरकारी AC बस में सफर कर रही सुमाना सिंह ने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में कई सरकारी बस रूट बंद हो गए हैं जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।"
अपनी दो बेटियों के साथ सिलीगुड़ी से कूच बिहार के लिए उत्तर बंगाल राज्य परिवहन कंपनी की बस से यात्रा कर रहीं मनीषा बर्मन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि इस योजना के कारण उनके पैतृक गांव तक की लगभग 170 किलोमीटर की यात्रा आसान हो जाएगी।
सरकार ने 1 जून से पश्चिम बंगाल परिवहन निगम, दक्षिण बंगाल राज्य परिवहन निगम और उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम की सभी बसों में महिलाओं के लिए यात्रा मुफ्त कर दी है। इस कदम का उद्देश्य महिलाओं का सशक्तिकरण करना और परिवहन सुविधाओं तक उनकी पहुंच में सुधार करना है।
डिजिटल स्मार्ट कार्ड होंगे जारी
बंगाल सरकार ने कहा है कि योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए लाभार्थियों की तस्वीरों और नामों के साथ डिजिटल स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे। फिलहाल, पश्चिम बंगाल में सरकारी बसों में सफर करने वाली महिला यात्रियों को अब किराया देने की जरूरत नहीं है। इस नई स्कीम के तहत सरकारी बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं को आज से नियमित किराए के टिकट के बजाय 'जीरो वैल्यू टिकट (Zero-value tickets)' के टिकट जारी किए जा रहे हैं।
सोमवार 1 जून को पूरे पश्चिम बंगाल में सरकारी बसों में चढ़ने वाले यात्रियों को अपनी सुबह की ट्रैवल में एक अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला। जैसे ही बंगाल में एक नई कल्याणकारी योजना लागू हुई, महिला यात्रियों से किराया मांगने के बजाय उन्हें 'जीरो वैल्यू' वाले टिकट दिए जाने लगे। इससे उन सैकड़ों रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को तत्काल राहत मिली, जो अपनी मासिक आय का एक बड़ा हिस्सा ट्रैवल पर खर्च करते हैं।
बंगाल में फ्री यात्रा करने के लिए महिला यात्रियों को मुफ्त टिकट लेने से पहले 12 पहचान डॉक्यूमेंट्स में से कोई भी एक दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होगा। इन 12 दस्तावेजों में आधार कार्ड, वोटर ID कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, तस्वीर लगा हुआ पेंशन डॉक्यूमेंट, राज्य या केंद्र सरकार के कर्मचारी पहचान पत्र, स्कूल, महा विद्यालय या विश्वविद्यालय की ओर से जारी छात्र पहचान पत्र और सरकार की ओर से जारी कोई अन्य पहचान दस्तावेज शामिल हैं।