West Bengal News: पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने एक बड़ा फैसला लिया है। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बुधवार (14 जनवरी) को कहा कि वह अपने ऑफिशियल चिट्ठियों में परंपरागत रूप से इस्तेमाल होने वाले 'भवदीय' के स्थान पर 'वंदे मातरम' लिखेंगे। लोक भवन के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X हैंडल के माध्यम से इस फैसले के बारे में जानकारी दी गई। एक अधिकारी ने कहा कि यह कदम बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित 'वंदे मातरम' की स्थायी विरासत और सांस्कृतिक महत्व से प्रेरित है।
अधिकारी ने कहा, "राज्यपाल ने अपने पत्रों के अंत में 'भवदीय' के स्थान पर 'वंदे मातरम' लिखने का निर्णय लिया है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की इस प्रतिष्ठित रचना के प्रति श्रद्धा के प्रतीक के रूप में 'वंदे मातरम' को अपने जीवन और दैनिक गतिविधियों में यथासंभव शामिल और आत्मसात करें।"
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के अनुसार, ऐसे प्रयास गीत से जुड़ी एकता, देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव के मूल्यों को बरकरार रखने में सहायक होंगे। बंगाल में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले यह फैसला प्रशासनिक बदलाव भर नहीं है। यह बंगाल की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रवाद और चुनावी माहौल से जुड़ा एक अहम संकेत भी है।
बंगाल की राजनीति में सांस्कृतिक अस्मिता और बंगाल के कद्दावर हस्तियां हमेशा एक अहम मुद्दा रहे हैं। राज्यपाल दफ्तर की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह फैसला बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित 'वंदे मातरम' की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। लोक भवन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भी इस निर्णय को शेयर किया गया है। इस पर अब राजनीतिक भी शुरू हो गई है।
सीवी आनंद बोस ने भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की तारीफ की। इसे आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन दो राज्यों पश्चिम बंगाल और असम को जोड़ेगी। इस लॉन्च पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल के विकास में योगदान के लिए पीएम मोदी की तारीफ की।
बोस ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल के विकास में बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं। यह उसी में एक और कड़ी है। यह उन योगदानों की कड़ी में एक और कड़ी है जो उन्होंने बंगाल के लोगों के फायदे के लिए किए हैं।"
1 जनवरी को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन असम के गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच चलेगी। इसे जनवरी में पीएम मोदी हरी झंडी दिखाएंगे। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से असम के कामरूप मेट्रोपॉलिटन और बोंगाईगांव जिलों एवं पश्चिम बंगाल के कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, पुरबा बर्धमान, हुगली और हावड़ा जिलों को फायदा होगा। ट्रेन में 16 कोच होंगे, जिसमें 11 थ्री-टियर AC कोच, 4 टू-टियर AC कोच और 1 फर्स्ट-क्लास AC कोच शामिल हैं। इसमें कुल लगभग 823 यात्रियों की क्षमता होगी।