I-Pac Raid Case: आई-पैक रेड केस में ममता बनर्जी को बड़ा झटका! ED अधिकारियों पर दर्ज FIR पर रोक, बंगाल सरकार और DGP को नोटिस जारी

I-PAC Raid Drama: कोलकाता में कथित कोयला चोरी घोटाले से जुड़े मामले में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के खिलाफ छापेमारी पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका में कई बड़े सवाल उठते हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर इनका जवाब नहीं दिया गया तो अराजकता फैल जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने इसी के साथ बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया है

अपडेटेड Jan 15, 2026 पर 3:28 PM
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I-PAC Raid Drama: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार और DGP को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है

I-PAC Raid Drama: कोलकाता में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी से जुड़े मामले में पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (15 जनवरी) को पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के ऑफिस पर हुई रेड के सिलसिले में कोलकाता में ED के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि एजेंसी के काम दखल नहीं दे सकते।

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और विपुल पंचोली की बेंच ने अधिकारियों को रेड के दौरान हुई घटनाओं की CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। पीठ ने यह भी कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दखल नहीं देता तो अराजकता फैल जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "ED की याचिका में कई बड़े सवाल उठते हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर इनका जवाब नहीं दिया गया तो अराजकता फैल जाएगी।"

बंगाल सरकार को नोटिस जारी


जांच में बाधा डालने के आरोप लगाने वाली ED की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। रेड से जुड़े मामले में शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मामले की जांच करना आवश्यक है ताकि अपराधियों को राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की आड़ में संरक्षण न मिल सके। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल पुलिस को आई-पैक ऑफिस पर छापेमारी की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। ED की याचिका पर सुनवाई की तारीख तीन फरवरी तय की गई है।

ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर रोक

सु्प्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में आई-पैक ऑफिस और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापे मारने वाले ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत में ED की यह याचिका 8 जनवरी की उन घटनाओं के बाद दायर की गई है। जब कोयला तस्करी मामले से जुड़ी जांच के सिलसिले में साल्टलेक स्थित आई-पैक के दफ्तर और कोलकाता में उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर ईडी के छापों के दौरान जांच एजेंसी के अधिकारियों को बाधाओं का सामना करना पड़ा था।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि छापेमारी के दौरान बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घर में जबरन दाखिल हुईं। साथ ही इस दौरान जांच से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य अपने साथ ले गईं। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसी पर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने का आरोप लगाया है।

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उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने ED की जांच में बाधा डालने के आरोप से इनकार किया है। बंगाल पुलिस ने ED अधिकारियों के खिलाफ एक FIR दर्ज की है। अदालत ने कहा कि ED की याचिका केंद्रीय एजेंसियों की जांच और राज्य एजेंसियों के हस्तक्षेप से संबंधित गंभीर मुद्दे उठाती है।

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