उत्तर प्रदेश के दादरी से नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट को जोड़ने वाला 1600 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर अब पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वडोदरा दौरे के दौरान वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन प्रमुख हिस्सों का उद्घाटन कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने का औपचारिक ऐलान किया। इस बीच नवी मुंबई के उरण में पत्रकारों से बात करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह कॉरिडोर देश के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लाएगा। इससे भारत की लॉजिस्टिक्स लागत घटकर करीब 7 फीसदी रह जाएगी। इससे भारत चीन को सीधी टक्कर दे सकेगा और ग्लोबल सप्लाई चेन का ज्यादा मजबूत हिस्सा बन सकेगा।
लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, चीन से मुकाबला होगा आसान
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि पहले भारत की लॉजिस्टिक्स लागत करीब 14 प्रतिशत थी जबकि चीन में यह 7 प्रतिशत थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों से भारत की लॉजिस्टिक्स लागत 14 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत पर आई थी। अब इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के चालू होने से यह लागत घटकर करीब 7 प्रतिशत रह जाएगी। इससे भारतीय उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और वैश्विक बाजार में चीन का मुकाबला आसानी से कर सकेंगे।
3 दिन का सफर अब महज 12 घंटे में होगा पूरा
फडणवीस ने दावा किया है कि इस फ्रेट कॉरिडोर के चालू होने से माल ढुलाई के समय में भारी गिरावट आएगी। सड़क के रास्ते जिस सामान को दादरी से जेएनपीटी तक पहुंचाने में करीब तीन दिन का समय लगता था, वही सामान अब फ्रेट कॉरिडोर के जरिए सिर्फ 12 घंटे में अपनी मंजिल तक पहुंच जाएगा। इस कॉरिडोर पर डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेनें (एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर रखकर) दौड़ेंगी। इस तरह की एक ट्रेन 250 ट्रकों के बराबर माल एक बार में ले जा पाएंगी। इस पूरे कॉरिडोर में इलेक्ट्रिक ट्रेनों चलेंगी। इससे पेट्रोल और डीजल की भारी बचत होगी। इसके अलावा पर्यावरण प्रदूषण में भी बड़ी गिरावट आएगी।
महाराष्ट्र और JNPT को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
कई राज्यों से होकर गुजरने वाले इस 1600 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का अंतिम स्टेशन नवी मुंबई का जेएनपीटी है। सीएम फडणवीस ने कहा कि इसका सबसे अधिक लाभ महाराष्ट्र को मिलेगा। जेएनपीटी अगले दो सालों के भीतर 1 मिलियन से अधिक TEUs (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) कंटेनर कार्गो को हैंडल करने वाला देश का पहला बंदरगाह बनने जा रहा है। इस परियोजना से आयात-निर्यात पर निर्भर उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, व्यापार को गति मिलेगी और महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस ऐतिहासिक परियोजना को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, भारत सरकार और फाइनेंशियल मदद देने वाली जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के साथ जापान सरकार का आभार भी जताया है।