भारत की ये कौन सी प्राइवेट यूनिवर्सिटी है जो लगातार टॉप में आ रही है? QS Rankings 2027 में फिर किया कमाल
इस बार QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में सिर्फ IITs ही नहीं, बल्कि एक ऐसी यूनिवर्सिटी को भी भारत के टॉप 10 संस्थानों में जगह मिली है, जिसका आपने कभी नाम भी नहीं सुना होगा। इस यूनिवर्सिटी की सफलता के पिछे की मुख्य वजह रिसर्च परफॉर्मेंस मानी जा रही है।
भारत की ये कौन सी प्राइवेट यूनिवर्सिटी है जो लगातार टॉप में आ रही है?
इस बार QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में सिर्फ IITs ही नहीं, बल्कि एक ऐसी यूनिवर्सिटी को भी भारत के टॉप 10 संस्थानों में जगह मिली है, जिसका आपने कभी नाम भी नहीं सुना होगा। दरअसल, हम जिस यूनिवर्सिटी की बात कर रहें है उसका नाम शुलिनी यूनिवर्सिटी है, जो हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित है। इस यूनिवर्सिटी की सफलता के पिछे की मुख्य वजह रिसर्च परफॉर्मेंस मानी जा रही है। प्राइवेट यूनिवर्सिटी होने के बावजूद इसने Citations और Research Impact में अच्छा प्रदर्शन किया है।
बता दें कि पिछले साल भी शूलिनी यूनिवर्सिटी को QS और टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग, दोनों में ही भारत की नंबर 1 प्राइवेट यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला था। जो कि यूनिवर्सिटी के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है!
अब चलिएं जानते हैं कि क्यों ये यूनिवर्सिटी हर साल भारत के टॉप 10 यूनिवर्सिटी में शामिल होती है और इसके पिछे का बैकग्राउंड क्या है?
बता दें कि 2009 में स्थापित, शूलिनी यूनिवर्सिटी एक इनोवेटिव और रिसर्च-ओरिएंटेड यूनिवर्सिटी है। यह भारत की प्रमुख मल्टी-डिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटीज में से एक के रूप में उभरी है और कई इंटरनेशनल और नेशनल रैंकिंग एजेंसियों की टॉप रैंकिंग्स में शामिल रही है।
रिसर्च और इनोवेशन में शूलिनी का दम
QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी एशिया रैंकिंग के अनुसार, शूलिनी भारत की नंबर 1 रिसर्च यूनिवर्सिटी है। यह यूनिवर्सिटी 'एक स्टूडेंट, एक पेटेंट' पॉलिसी के जरिए इनोवेशन को बढ़ावा देती है। इस पॉलिसी की वजह से स्टूडेंट्स और फैकल्टी ने 1500 से ज्यादा पेटेंट फाइल किए हैं।
शूलिनी में रिसर्च से जुड़े कामों के लिए डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DST), साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड (SERB) और iHub DivyaSampark जैसे संस्थानों से फंड मिलता है।
यूनिवर्सिटी का माहौल रिसर्च पर केंद्रित है और यह स्टूडेंट्स को बेहतरीन प्रोजेक्ट्स में शामिल होने के मौके देती है, जिससे उनकी लर्निंग और करियर की संभावनाएं बेहतर होती हैं।
रैंकिंग, रिसर्च और इनोवेशन में क्यों आगे है शूलिनी?
शूलिनी यूनिवर्सिटी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में भारत की नंबर 1 प्राइवेट यूनिवर्सिटी है और टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में दुनिया की टॉप 500 यूनिवर्सिटीज में शामिल है। यह THE इम्पैक्ट रैंकिंग्स 2025 में दुनिया की टॉप 100 यूनिवर्सिटीज में भी आती है। QS एशिया रैंकिंग्स 2026 में, यह 'साइटेशन्स पर पेपर' (यानी फैकल्टी की रिसर्च को दुनिया भर में कितना पढ़ा और रेफर किया जाता है, इसका पैमाना) के मामले में एशिया में नंबर 1 पर है।
ऐसे आंकड़े यूं ही नहीं मिलते। शूलिनी में ये आंकड़े इसलिए हैं क्योंकि यहां 19 ऐसे रिसर्चर हैं जो साइटेशन्स के आधार पर दुनिया के टॉप 2% में शामिल हैं (स्टैनफोर्ड लिस्ट के अनुसार), H-इंडेक्स 150 से ज्यादा है, 2,000 से ज्यादा IP एप्लीकेशन फाइल किए गए हैं और अलग-अलग विषयों में 104 से ज्यादा एक्टिव लैब्स हैं। भारत में सीरियस रिसर्च से जुड़ने की चाहत रखने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए, यही वह खास बात है जिसे जानना जरूरी है।
शूलिनी यूनिवर्सिटी की फैकल्टी में क्या खास है?
शूलिनी यूनिवर्सिटी की फैकल्टी टीम बहुत शानदार है। यहां पढ़ाने वाले प्रोफेसर और मेंटर ऑक्सफोर्ड, IITs, IISc, NIH-USA और अन्य जैसे दुनिया के जाने-माने संस्थानों से आए हैं। इसका मतलब है कि छात्र ऐसे एक्सपर्ट्स से सीखते हैं जो क्लासरूम में गहरी थ्योरेटिकल और प्रैक्टिकल जानकारी और असल दुनिया की समझ लेकर आते हैं।
कैसा है शुलिनी का इंफ्रास्ट्रक्चर?
शूलिनी यूनिवर्सिटी का सोलन स्थित कैंपस 104 से ज्यादा एडवांस लैब, 11 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, AI एंड फ्यूचर्स सेंटर, AI और XR रिसर्च सेंटर से लैस है।
बता दें कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हर क्षेत्र, जैसे हेल्थकेयर और फाइनेंस, में तेजी से बदलाव ला रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए शूलिनी यूनिवर्सिटी अपने कोर्स और रिसर्च सुविधाओं को समय-समय पर अपडेट करती रहती है, ताकि छात्रों को AI की नई तकनीकों की जानकारी और प्रशिक्षण मिल सके।
इस यूनिवर्सिटी में योगानंद लाइब्रेरी है, जो 24 घंटे खुली रहती है और यहां EBSCO जैसे ई-रिसोर्स की सुविधा मिलती है।
कौन से प्रोग्राम ऑफर करती है यूनिवर्सिटी?
शूलिनी में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स टेक्नोलॉजी, साइंस, मैनेजमेंट, लॉ, मीडिया, लिबरल आर्ट्स, एग्रीकल्चर और होटल मैनेजमेंट जैसे कई प्रोग्राम चुन सकते हैं।
मान्यताएं, एक्रेडिटेशन और रैंकिंग
शूलिनी यूनिवर्सिटी को कई राष्ट्रीय संस्थानों से मान्यता और सम्मान प्राप्त है। प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
NAAC द्वारा A+ मान्यता प्राप्त है
UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) द्वारा मान्यता प्राप्त है
यहां हिमाचल प्रदेश की पहली कमर्शियल फ़ूड टेस्टिंग लैब है, जिसे फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज़ मंत्रालय (MoFPI) से फंडिंग मिली है
इसे PURSE, SERB और DST FIST जैसी सरकारी ग्रांट्स का सहयोग प्राप्त है
शूलिनी यूनिवर्सिटी में प्लेसमेंट कैसे होता है?
शूलिनी यूनिवर्सिटी की साझेदारी IBM, Cognizant, Deloitte, L'Oréal, Hindustan Unilever, Accenture, Genpact जैसी कई बड़ी कंपनियों के साथ है। इन कंपनियों के सहयोग से छात्रों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स और करियर के बेहतर अवसर मिलते हैं।
यूनिवर्सिटी का लक्ष्य है कि कम से कम 30% छात्रों को टॉप कंपनियों कंपनियों में नौकरी मिले। इसी वजह से यह उन चुनिंदा यूनिवर्सिटीज में से एक है जो भारत में टॉप प्लेसमेंट का गर्व से दावा कर सकती हैं।