कौन हैं दीप्ति गौड़ मुखर्जी? जिन्हें बनाया गया देश का नया उच्च शिक्षा सचिव, जानें रातों-रात क्यों लिया गया ये फैसला

IAS Deepti Gaur Mukerjee: कुछ दिन पहले राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को ये जिम्मेदारी सौंपी गई थी लेकिन विवादों के चलते उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। उच्च शिक्षा सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति के तुरंत बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में उन पर तीखे सवाल उठने लगे थे

अपडेटेड Aug 11, 2026 पर 9:29 AM
केंद्र सरकार ने महज तीन हफ्ते पहले 1994 बैच के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को इस पद पर नियुक्त किया था, लेकिन विवादों के चलते उस फैसले को स्थगित कर दिया गया

New Higher Education Secretary: केंद्र सरकार ने सोमवार देर रात नौकरशाही के शीर्ष स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 1993 बैच की वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

खास बात यह है कि केंद्र सरकार ने महज तीन हफ्ते पहले 1994 बैच के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को इस पद पर नियुक्त किया था, लेकिन विवादों के चलते उस फैसले को स्थगित कर दिया गया और अब दीप्ति गौड़ मुखर्जी की नियुक्ति की गई है।

क्यों बदला गया नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति का फैसला?


राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार पहले पशुपालन और डेयरी विभाग में सचिव थे। उच्च शिक्षा सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति के तुरंत बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में उन पर तीखे सवाल उठने लगे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की एक योजना के तहत खीरे की व्यावसायिक खेती के लिए उनके परिवार (पत्नी, मां और बेटे) को ₹1 करोड़ से अधिक की सब्सिडी मिली थी। सब्सिडी की अंतिम किस्त तब जारी हुई जब वे पशुपालन विभाग में सचिव थे, जो उसी प्रशासनिक तंत्र का हिस्सा है। पेपर लीक विवाद और संस्थागत जवाबदेही के मुद्दों के बीच विपक्ष ने इस नियुक्ति को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा था।

हालांकि, गंगवार ने किसी भी गलत काम से इनकार किया और कहा कि अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों के तहत उनके परिवार के सदस्यों ने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है।

कौन हैं आईएएस दीप्ति गौड़ मुखर्जी?

दीप्ति गौड़ मुखर्जी 1993 बैच की मध्य प्रदेश (MP) कैडर की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उच्च शिक्षा सचिव बनने से पहले वे कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्यरत थीं।अब वे विनीत जोशी का स्थान लेंगी जो पिछले महीने पंचायती राज मंत्रालय में सचिव बनाए गए थे।

दीप्ति गौड़ मुखर्जी ऐसे समय में उच्च शिक्षा विभाग का जिम्मा संभाल रही हैं जब देश में नई शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के नीतिगत फैसलों के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जनविश्वास बहाल करने की बड़ी चुनौती है।

एक फैसले से 5 मंत्रालयों में बदला चेहरा

उच्च शिक्षा विभाग में हुए इस बदलाव की वजह से पांच अन्य विभागों में भी वरिष्ठ नौकरशाहों के फेरबदल की एक श्रृंखला शुरू हो गई:

उच्च शिक्षा विभाग: दीप्ति गौड़ मुखर्जी (नवनिर्वाचित सचिव)।

कॉर्पोरेट मामले: पल्लवी जैन गोविल (1994 बैच MP कैडर) को नया कॉर्पोरेट मामलों का सचिव बनाया गया है। वह इससे पहले युवा मामलों की सचिव थीं।

युवा मामले एवं खेल: भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अध्यक्ष सुनील पालीवाल अब नए युवा मामलों के सचिव होंगे।

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण: कैबिनेट सचिवालय में ओएसडी (OSD) सुशील कुमार लोहानी को IWAI का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

जल संसाधन और गंगा संरक्षण: असम-मेघालय कैडर की आईएएस अधिकारी अर्चना वर्मा को जल संसाधन एवं गंगा संरक्षण विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है।

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