कोलकाता में सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 97 साल के बीजेपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखन लाल सरकार का आशीर्वाद लिया। पीएम मोदी ने उन्हें गले लगाया और उनके पैर छूकर सम्मान जताया। माखन लाल सरकार सिलीगुड़ी के रहने वाले हैं और भाजपा के शुरुआती दौर के बेहद पुराने नेताओं में गिने जाते हैं।
समीक भट्टाचार्य के मुताबिक, माखन लाल सरकार, श्यामा प्रसाद मुखर्जी के करीबी सहयोगी थे। जब मुखर्जी कश्मीर यात्रा पर गए थे, तब माखन लाल सरकार भी उनके साथ थे। उसी दौरान उन्हें कश्मीर में गिरफ्तार किया गया था।
1952 में कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान माखन लाल सरकार को जेल भेजा गया था। कहा जाता है कि वे मुखर्जी की आखिरी यात्रा के भी साथी रहे थे।
1980 में भारतीय जनता पार्टी बनने के बाद उन्हें पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों का संगठन प्रभारी बनाया गया। सिर्फ एक साल में उन्होंने करीब 10,000 लोगों को बीजेपी से जोड़ दिया था।
1981 से लगातार 7 साल तक वे जिला अध्यक्ष रहे। उस समय यह बहुत बड़ी बात मानी जाती थी, क्योंकि आमतौर पर भाजपा नेता एक ही पद पर दो साल से ज्यादा नहीं रहते थे।
समिक भट्टाचार्य ने यह भी बताया कि कांग्रेस शासन के दौरान माखन लाल सरकार को एक राष्ट्रभक्ति गीत गाने पर दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
अदालत में उनसे माफी मांगने को कहा गया, लेकिन उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया और कोर्ट में फिर वही गीत गाया। बताया जाता है कि जज उनके हौसले से प्रभावित हो गए और उन्हें घर लौटने के लिए फर्स्ट क्लास टिकट और 100 रुपये देने का आदेश दिया।
97-98 साल की उम्र में भी माखन लाल सरकार को भाजपा और राष्ट्रवादी आंदोलन के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं में गिना जाता है।
पश्चिम बंगाल में पहली बार बनी BJP सरकार
पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हुआ।
भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक- दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निशित प्रमाणिक ने मंत्री पद की शपथ ली। ये सभी सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली नई कैबिनेट का हिस्सा बने हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा इतिहास रच दिया। उन्हें “जायंट किलर” कहा जा रहा है क्योंकि उन्होंने भवानीपुर सीट पर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को हराया।
भाजपा ने पहली बार पश्चिम बंगाल में इतनी बड़ी जीत हासिल कर सरकार बनाई है, जिसे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।