Sriram Krishnan: कौन हैं श्रीराम कृष्णन? भारतीय मूल के AI एडवाइजर ने ट्रंप को दिया बड़ा झटका

Who Is Sriram Krishnan: 'व्हाइट हाउस' के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पॉलिसी सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने घोषणा की है कि वे जून के आखिर में अपना पद छोड़ देंगे। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से एक और हाई-प्रोफाइल इस्तीफा है

अपडेटेड Jun 07, 2026 पर 9:09 AM
Who Is Sriram Krishnan: कृष्णन ने कहा कि वे AI के मामले में अमेरिका के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे

Who Is Sriram Krishnan: ट्रंप प्रशासन में सबसे चर्चित भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी सलाहकारों में से एक श्रीराम कृष्णन व्हाइट हाउस में अपनी भूमिका छोड़ने वाले हैं। पिछले 18 महीनों से वह प्रशासन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रणनीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक बयान में कृष्णन ने कहा कि वह कुछ समय का ब्रेक लेंगे और उसके बाद अमेरिका के सामने मौजूद एआई से जुड़ी बड़ी चुनौतियों पर काम करेंगे।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म X पर लिखा, "मैं इस महीने के अंत में व्हाइट हाउस में अपनी भूमिका छोड़ रहा हूं। थोड़े आराम के बाद मैं अमेरिका के सामने एआई से जुड़ी बड़ी चुनौतियों को हल करने में मदद करने पर काम करूंगा।"

कृष्णन ने सरकार में अपनी सेवा को 'जीवन का सबसे बड़ा सम्मान' बताया और कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तहत काम करना मेरे लिए गर्व की बात रही है। उनके नेतृत्व के बिना हम AI की दौड़ में आगे नहीं होते। कृष्णन ने व्हाइट हाउस के एआई और क्रिप्टो सलाहकार डेविड सैक्स का भी धन्यवाद किया।


उन्होंने लिखा, "एआई में अमेरिका को आगे बनाए रखने के लिए उनकी लगातार पैरवी बेहद महत्वपूर्ण रही है और आगे भी रहेगी।" कृष्णन ने कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका के एआई हितों को बढ़ावा देने में भूमिका निभाई। इसके लिए उन्होंने विभिन्न एआई सम्मेलनों और कूटनीतिक बैठकों में भाग लिया।

कृष्णन ने लिखा, मने अपने सहयोगी देशों के साथ अमेरिकी एआई तकनीक और सिस्टम को बढ़ावा दिया। इसके लिए फ्रांस और भारत में हुए एआई सम्मेलनों, ब्रिटेन और मध्य पूर्व की सरकारी यात्राओं समेत कई कार्यक्रमों में भाग लिया गया।" भविष्य की बात करते हुए कृष्णन ने कहा कि एआई की तेजी से बढ़ती दुनिया कई नई चुनौतियां लेकर आ रही है।

उन्होंने कहा, "पिछले 18 महीनों में मुझे एआई से जुड़े उस महत्वपूर्ण दौर को बहुत करीब से देखने का मौका मिला है, जिसका सामना अमेरिका और उसके सहयोगी देश कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "चाहे बात ऊर्जा की हो, डेटा सेंटरों की हो या आम अमेरिकियों तक एआई के फायदे पहुंचाने की, हमारे सामने कई कठिन चुनौतियां हैं, जिन्हें मिलकर सुलझाना होगा।"

कृष्णन ने कहा कि अब वह ऐसे संस्थान बनाने पर ध्यान देंगे जो अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को इन चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकें। उनकी घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए डेविड सैक्स ने कृष्णन के योगदान की जमकर तारीफ की और कहा कि वह सरकार से बाहर रहने के बावजूद प्रशासन को सलाह देते रहेंगे।

कौन हैं श्रीराम कृष्णन?

भारत में जन्मे टेक्नोलॉजी इन्वेस्टर श्रीराम कृष्णन, डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी के पीछे अहम लोगों में से एक बनकर उभरे। 2024 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सीनियर व्हाइट हाउस पॉलिसी एडवाइजर के तौर पर चुने जाने के बाद, वे 20 जनवरी, 2025 को ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ व्हाइट हाउस में शामिल हुए।

उनकी नियुक्ति पर MAGA मूवमेंट के कुछ सदस्यों ने विरोध जताया था। ट्रंप की सहयोगी लॉरा लूमर ने इमिग्रेशन रिफॉर्म्स (प्रवास सुधारों) के समर्थन में उनके पहले दिए गए बयानों की आलोचना की थी। विवाद के बावजूद, चेन्नई में जन्मे इस प्रवासी ने प्रशासन के AI एजेंडा को आकार देने में अहम भूमिका निभाई और व्हाइट हाउस में सिलिकॉन वैली के सबसे प्रभावशाली प्रतिनिधियों में से एक बन गए।

कृष्णन ने चेन्नई के SRM इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई की। फिर Microsoft, Facebook, Twitter और Snap जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में अपना करियर बनाया। बाद में वे वेंचर कैपिटल फर्म Andreessen Horowitz से जुड़े, जहां वे एक जाने-माने इन्वेस्टर बने। उन्होंने एलॉन मस्क के Twitter (जिसे अब X के नाम से जाना जाता है) को खरीदने के दौरान उनके भरोसेमंद सलाहकार के तौर पर भी काम किया।

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The Washington Post के अनुसार, कृष्णन उन टेक्नोलॉजी सलाहकारों में शामिल थे जिन्होंने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर का ड्राफ्ट तैयार करने में मदद की थी। इस ऑर्डर ने राज्यों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को रेगुलेट करने की क्षमता को सीमित कर दिया था। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने अखबार को बताया कि कृष्णन प्रशासन के लिए एक बहुत अहम व्यक्ति रहे हैं।

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