कौन हैं IAF के नए चीफ आशुतोष दीक्षित? जिन्होंने कारगिल और ऑपरेशन सिंदूर में निभाई अहम भूमिका

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह मौजूदा वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की जगह लेंगे। बता दें कि एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह 31 अक्टूबर को रिटायर होंगे, जिसके बाद आशुतोष दीक्षित वायुसेना प्रमुख का पद संभालेंगे।

अपडेटेड Oct 06, 2026 पर 7:57 PM
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IAF के नए चीफ आशुतोष दीक्षित कौन हैं? जानें उनका पूरा सैन्य करियर

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह मौजूदा वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की जगह लेंगे। बता दें कि एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह 31 अक्टूबर को रिटायर होंगे, जिसके बाद आशुतोष दीक्षित वायुसेना प्रमुख का पद संभालेंगे।

एयर मार्शल दीक्षित मुख्य रूप से वायु सेना में स्वदेशी LCA तेजस और अन्य स्वदेशी एयरक्राफ्ट प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। माना जा रहा है कि वह रक्षा क्षेत्र में सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल को आगे बढ़ाने पर भी जोर देंगे।

करीब 4 दशक का अनुभव


आशुतोष दीक्षित 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी, बांग्लादेश के डिफेंस स्टाफ सर्विस कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उन्हें कई तरह के एयरक्राफ्ट उड़ाने का 3,500 घंटे से ज्यादा का अनुभव है, जिनमें Mirage-2000, MiG के अलग-अलग वर्जन, Kiran, Jaguar, IL-78, HAWK और Tejas शामिल हैं। वे एक एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं। लगभग चार दशक के अपने सर्विस करियर के दौरान, वे कई ऑपरेशन और एक्सरसाइज में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं, जिनमें ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर शामिल हैं।

कौन हैं एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित?

एयर मार्शल दीक्षित (सर्विस नंबर 18558 F(P)) फाइटर स्ट्रीम से हैं और 138वें कोर्स के तहत कमीशन हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें 6 दिसंबर 1991 को फ्लाइट लेफ्टिनेंट, 5 मई 2003 को विंग कमांडर, 1 मार्च 2009 को ग्रुप कैप्टन और 17 जून 2013 को एयर कमोडोर के पद पर प्रमोट किया गया।

वे 11 जून 2019 को एयर वाइस मार्शल, 1 अक्टूबर 2022 को एयर मार्शल और 1 सितंबर 2024 को कमांडर-इन-चीफ बने। उनकी ट्रेनिंग में कैडेट के तौर पर 69वां नेशनल डिफेंस एकेडमी कोर्स और एयर कमोडोर के तौर पर 57वां नेशनल डिफेंस कॉलेज कोर्स शामिल है।

अपने शानदार करियर के दौरान, एयर मार्शल ने कई अहम फील्ड और स्टाफ पदों पर भी काम किया है। उन्होंने वेस्टर्न सेक्टर में एक फ्रंट-लाइन फाइटर एयर बेस और सदर्न सेक्टर में एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान संभाली है।

अहम ऑपरेशनल और प्रोजेक्ट पदों पर किया काम

दीक्षित ने 15 दिसंबर 2003 से 15 जनवरी 2006 के बीच ग्वालियर में नंबर 9 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के तौर पर काम किया। उन्होंने दिल्ली में एयर हेडक्वार्टर में प्रिंसिपल डायरेक्टर, एयर स्टाफ रिक्वायरमेंट्स के तौर पर भी काम किया। वह जनवरी 2018 से मई 2019 तक एयर फोर्स स्टेशन बीदर में एयर ऑफिसर कमांडिंग रहे और बाद में त्रिवेंद्रम में सदर्न एयर कमांड के साथ एयर डिफेंस कमांडर के तौर पर काम किया।

अक्टूबर 2020 से सितंबर 2021 तक, वह एयर हेडक्वार्टर में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ, प्रोजेक्ट्स थे। इसके बाद उन्होंने अक्टूबर 2021 से सितंबर 2022 तक असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ, प्लांस के तौर पर काम किया।

एयर मार्शल के तौर पर, दीक्षित ने साउथ वेस्टर्न एयर कमांड में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर, एयर हेडक्वार्टर में डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ और इलाहाबाद में सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर काम किया।

बाद में उन्होंने मई 2025 से जून 2026 तक चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन के लिए चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के तौर पर काम किया। जुलाई 2026 से, वह दिल्ली में एयर हेडक्वार्टर में प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर, ऑपरेशन्स और वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ के तौर पर कार्यरत हैं।

सेना मेडल

रिपोर्ट्स के अनुसार, एयर मार्शल दीक्षित को तीन अवॉर्ड मिले हैं – वायु सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल। उन्हें 2006 में वायु सेना मेडल से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उन्हें कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए दिया गया। उस समय वह एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर थे। उनकी कमान में स्क्वाड्रन को दोबारा तैयार किया गया और Mirage-2000 विमानों से लैस किया गया। उन्होंने फ्रांस से भारत तक 10 नए Mirage-2000 विमानों को लाने और उनकी स्वीकृति से जुड़ी उड़ानों में भी अहम भूमिका निभाई।

उन्हें 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। उन्होंने 20 से ज्यादा तरह के एयरक्राफ्ट में 3,200 घंटे उड़ान भरी है और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट के तौर पर काम किया है। उन्होंने Jaguar और MiG-27 एयरक्राफ्ट के लिए स्वदेशी अपग्रेड प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया है, साथ ही मीडियम मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट प्रोग्राम के तहत एयरक्राफ्ट के टेक्निकल इवैल्यूएशन और फील्ड ट्रायल्स में भी भूमिका निभाई है।

उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।

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