झारखंड में कांग्रेस कैंडिडेट प्रणव झा को क्यों मिली हार, किसने किया क्रॉस वोट?

Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। पार्टी एक सीट हार गई, जिसकी वजह उसके सहयोगी INDIA गठबंधन के कुछ विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग करना बताया जा रहा है।

अपडेटेड Jun 19, 2026 पर 12:24 PM
JMM के बैद्यनाथ राम की जीत, कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा हारे

Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। पार्टी एक सीट हार गई, जिसकी वजह उसके सहयोगी INDIA गठबंधन के कुछ विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग करना बताया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि RJD और CPI (M-L) लिबरेशन के विधायकों ने NDA समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में वोट दिया। हालांकि, CPI (M-L) लिबरेशन ने इस आरोप को खारिज कर दिया है।

इस चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार और पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज की। वहीं दूसरी सीट एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीती। बता दें कि परिमल नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज में कॉर्पोरेट अफेयर्स के निदेशक हैं, और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हराया, जो ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव हैं और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय से जुड़े हुए हैं।

गौतरलब है कि 81 सदस्यों वाली झारखंड विधानसभा में, राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को पहली पसंद के लिए कम से कम 28 वोटों की जरूरत थी। JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं और अगर क्रॉस-वोटिंग नहीं होती, तो उसके दोनों उम्मीदवार आसानी से जीत जाते। सूत्रों के मुताबिक, राम को 30 वोट मिले और नाथवानी को भी 30 वोट मिले, लेकिन दो वोट अमान्य पाए गए। झा सिर्फ 21 वोट ही हासिल कर पाए, जिसमें से एक वोट अमान्य घोषित किया गया।


वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि RJD के चार विधायकों और CPI(M-L) लिबरेशन के दो विधायकों ने झा के लिए वोट नहीं किया। AICC के झारखंड प्रभारी के. राजू ने दावा किया कि पार्टी के 16 विधायकों और JMM के चार अतिरिक्त वोट झा को मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि RJD और CPI(M-L) लिबरेशन ने "गठबंधन के साथ धोखा किया है" साथ ही BJP पर यह भी आरोप लगाया कि उसने "हॉर्स-ट्रेडिंग" (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के जरिए चुनावी नतीजों को प्रभावित किया।

उधर कांग्रेस के आरोपों को गलत बताते हुए, CPI (M-L) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने X पर पोस्ट किया, "झारखंड राज्यसभा वोटिंग को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बारे में हम पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकते हैं कि हमारे दो विधायकों ने योजना के मुताबिक कांग्रेस उम्मीदवार को वोट दिया। हमारे दो वरिष्ठ नेताओं, PBM हलधर महतो और CCM गीता मंडल ने खुद विधायकों द्वारा डाले गए वोटों की विधिवत पुष्टि की।"

दूसरी तरफ, CPI (M-L) के विधायक अरूप चटर्जी ने भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, "छोटी पार्टियों पर उंगली उठाना बहुत आसान है। अगर कांग्रेस का दावा है कि उसके पास 20 वोट थे, तो यह कैसे माना जा सकता है कि इसके लिए सिर्फ RJD या CPI(M-L) के वोट ही जिम्मेदार थे? गड़बड़ी कहीं और से भी तो हो सकती है? बिना पूरी जानकारी के किसी को भी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।"

चटर्जी ने आगे कहा कि अगर उनकी पार्टी के दो वोट कहीं और भी चले जाते, तो भी जरूरी नहीं कि नतीजा बदल जाता। उनके मुताबिक, सिर्फ दो वोटों के इधर-उधर होने से कांग्रेस की जीत सुनिश्चित नहीं हो जाती।

RJD के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध कुमार मेहता ने कहा, "INDIA गठबंधन ने JMM उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की शानदार जीत के साथ दो में से एक सीट पर कामयाबी हासिल की है। झारखंड में हमारा गठबंधन एक मजबूत ताकत बना हुआ है। जहां तक दूसरी सीट की बात है, हमने राज्य को एक मजबूत लोकतांत्रिक विकल्प देने के लिए प्रणव झा जी को मैदान में उतारा था, और भले ही नतीजा वैसा नहीं रहा जैसी हमें उम्मीद थी, लेकिन हमारे गठबंधन की मूल पहचान बरकरार है। हम हालात पर गौर कर रहे हैं।"

नाथवानी की प्रतिक्रिया

चौथी बार राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद, नाथवानी ने X पर लिखा, "यह पल बहुत भावुक कर देने वाला है क्योंकि झारखंड से यह मेरा तीसरा कार्यकाल होगा; यही वह धरती है जहां से 2008 में मेरी संसदीय यात्रा शुरू हुई थी। अपनी कर्मभूमि में एक बार फिर लौटना मेरे लिए बहुत गर्व और विनम्रता की बात है।"

नाथवानी ने उन विधायकों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उन्हें वोट दिया। उन्होंने कहा, "नए संकल्प और ईमानदारी के साथ, झारखंड और यहां के लोगों के हितों और उम्मीदों को आगे बढ़ाने की हर कोशिश जारी रहेगी। जोहार झारखंड!"

गुजरात के रहने वाले और रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव नाथवानी ने 2008 से 2020 के बीच लगातार दो बार राज्यसभा में झारखंड का प्रतिनिधित्व किया; दोनों बार वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुने गए थे। ऊपरी सदन में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान, उन्होंने आंध्र प्रदेश से सांसद के तौर पर YSR कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व किया।

बता दें कि पिछले कुछ सालों में, नाथवानी ने झारखंड में सभी पार्टियों के नेताओं के साथ अच्छे संबंध बनाए हैं, जिससे ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन्हें NDA के आधिकारिक आंकड़ों से ज्यादा समर्थन मिल सकता है। इस चुनाव से पहले, मुख्यमंत्री और JMM नेता हेमंत सोरेन के साथ उनकी मुलाकात ने अटकलों को हवा दी थी, लेकिन आखिरकार उन्हें NDA का समर्थन मिल गया।

यह भी पढ़ें: आज का मौसम 19 June: IMD ने बिहार समेत इन 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान का तांडव

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।