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कर्नाटक का हर नया CM घर की तलाश में क्यों जुट जाता है? डीके शिवकुमार ने 160 साल पुराना जो बंगला चुना वो बेहद खास!

इसका जवाब ना में है। कर्नाटक में कभी भी किसी सरकारी बंगले को मुख्यमंत्री के स्थायी निवास के रूप में औपचारिक रूप से अधिसूचित नहीं किया गया है। पिछले कई दशकों से अलग-अलग मुख्यमंत्री अपनी सुविधा के अनुसार विभिन्न सरकारी संपत्तियों में रहते आए हैं। वैसे 1980 के दशक से कुमार कृपा रोड पर स्थित दो आस-पास के बंगले कृष्णा और कावेरी सीएम आवास से ज्यादा करीब से जुड़े माने जा सकते हैं। कृष्णा बंगले का इस्तेमाल आधिकारिक बैठकों और प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाता है जबकि कावेरी सीएम आवास के रूप में इस्तेमाल होता है

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Jun 30, 2026 पर 7:52 PM
कर्नाटक का हर नया CM घर की तलाश में क्यों जुट जाता है? डीके शिवकुमार ने 160 साल पुराना जो बंगला चुना वो बेहद खास!
कर्नाटक में हर नए मुख्यमंत्री के सामने आखिर आवास की यह पहेली क्यों खड़ी हो जाती है?

भारत के कुछ ही राज्य ऐसे हैं जहां मुख्यमंत्री के स्थायी निवास के लिए कोई आधिकारिक सरकारी बंगला तय नहीं है और कर्नाटक उन्हीं राज्यों में से एक है। यही वजह है कि राज्य में जब भी सत्ता परिवर्तन होता है या नया नेतृत्व आता है तो उनके लिए घर की तलाश शुरू हो जाती है। बंगलों की ये तलाश कई बार जरूरत से ज्यादा वास्तु के मापदंडों की कसौटी पर भी कसी जाने लगती है। आप एक तरह से कह सकते हैं कि बेंगलुरु में एक घर ढूंढना किसी के लिए आसान नहीं है, यहां तक कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री के लिए भी नहीं। ये मामला इस वक्त चर्चा में इसलिए है क्योंकि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने रहने और कार्यालय के लिए लगभग 160 साल पुराने कुमार कृपा (Kumara Krupa) बंगले को चुना है। लोक निर्माण विभाग (PWD) इस हेरिटेज प्रॉपर्टी को रिनोवेट करने में जुटा है। यह नौबत इसलिए आई क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कावेरी बंगले में ही रहने का फैसला किया है। यह बंगला आमतौर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से सबसे करीब से जुड़ा रहा है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि कर्नाटक में हर नए मुख्यमंत्री के सामने आखिर आवास की यह पहेली क्यों खड़ी हो जाती है और इसके पीछे क्या सियासी व ऐतिहासिक कारण हैं।

क्या कर्नाटक में मुख्यमंत्री का कोई आधिकारिक स्थायी निवास है?

इसका जवाब ना में है। कर्नाटक में कभी भी किसी सरकारी बंगले को मुख्यमंत्री के स्थायी निवास के रूप में औपचारिक रूप से अधिसूचित नहीं किया गया है। पिछले कई दशकों से अलग-अलग मुख्यमंत्री अपनी सुविधा के अनुसार विभिन्न सरकारी संपत्तियों में रहते आए हैं। वैसे 1980 के दशक से कुमार कृपा रोड पर स्थित दो आस-पास के बंगले कृष्णा और कावेरी सीएम आवास से ज्यादा करीब से जुड़े माने जा सकते हैं। कृष्णा बंगले का इस्तेमाल आधिकारिक बैठकों और प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाता है जबकि कावेरी सीएम आवास के रूप में इस्तेमाल होता है।

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