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पश्चिम बंगाल में अब अंडों को लेकर बवाल, मिड डे मील से इसके हटने की सुगबुगाहट और इस्कॉन से जोड़ा जा रहा पूरा विवाद क्या है? समझिए

West Bengal Mid-Day Meal Controversy: पश्चिम बंगाल में स्कूलों के मिड-डे मील के मेनू से अंडों को हटाए जाने की सुगबुगाहट को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे मामले को धार्मिक संस्था इस्कॉन (ISKCON) और राज्य की नई भाजपा सरकार से जोड़कर देखा जा रहा है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jun 25, 2026 पर 9:06 AM
पश्चिम बंगाल में अब अंडों को लेकर बवाल, मिड डे मील से इसके हटने की सुगबुगाहट और इस्कॉन से जोड़ा जा रहा पूरा विवाद क्या है? समझिए
पश्चिम बंगाल में मिड-डे मील से अंडे हटाने को लेकर क्यों मचा है बवाल?

पश्चिम बंगाल मिड-डे मील विवाद (West Bengal Mid-Day Meal Controversy): पश्चिम बंगाल में स्कूलों के मिड-डे मील (स्कूली भोजन) के मेनू से अंडों को हटाए जाने की सुगबुगाहट को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे मामले को धार्मिक संस्था इस्कॉन (ISKCON) और राज्य की नई भाजपा सरकार से जोड़कर देखा जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में शाकाहार थोपने की कोशिश की जा रही है और इससे बच्चों के पोषण पर असर पड़ेगा। आइए समझते हैं कि आखिर यह पूरा विवाद क्या है और इस पर अलग-अलग पक्षों का क्या कहना है।

विवाद की शुरुआत: बजट में इस्कॉन को शामिल करने का प्रस्ताव

इस पूरे विवाद की जड़ पश्चिम बंगाल सरकार के नए बजट से जुड़ी है। सोमवार को राज्य का पहला बजट पेश करते हुए पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने घोषणा की थी कि मिड-डे मील योजना के तहत भोजन तैयार करने और उसके वितरण में इस्कॉन की सहायता लेने की उम्मीद है। इसके बाद ऐसी खबरें और सोशल मीडिया पर दावे सामने आने लगे कि कोलकाता नगर निगम क्षेत्र के तहत आने वाले स्कूलों में जहां राज्य सरकार पके हुए भोजन की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंपने पर विचार कर रही है, वहां के मेनू से अंडों को पूरी तरह हटा दिया जाएगा। चर्चा यह भी चली कि इस्कॉन के नए मेनू में अंडों की जगह पौधों से मिलने वाले प्रोटीन जैसे कि पनीर और सोयाबीन को शामिल किया जा सकता है।

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