Rabri Devi: 'चाहे कुछ भी हो जाए, नहीं खाली करेंगे सर्कुलर रोड वाला आवास', RJD का बड़ा ऐलान; नीतीश सरकार पर लगाया 'सियासी द्वेष' का आरोप

Rabri Devi Bungalow Controversy: मंडल ने आरोप लगाया कि यह निर्णय राजनीतिक दुश्मनी से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सत्तारूढ़ NDA द्वारा हमारे नेता लालू प्रसाद के प्रति पाले गए द्वेष की बू आती है। मंडल ने सवाल उठाया कि नीतीश कुमार ने विपक्ष के नेता के लिए एक बंगला नामित करने में दो दशक तक इंतजार क्यों किया

अपडेटेड Nov 27, 2025 पर 10:55 AM
विधान परिषद में विपक्ष के नेता मंगनी लाल मंडल ने पत्रकारों से बात करते हुए दो टूक कहा कि 'चाहे कुछ भी हो जाए, बंगला खाली नहीं किया जाएगा'

Rabri Devi Bungalow Controversy: पिछले दिनों बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को उनका सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिला। अब राष्ट्रीय जनता दल ने उस पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री लगभग दो दशकों से जिस सरकारी बंगले में रह रही हैं, उसे खाली नहीं करेंगी। पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल का यह बयान राज्य भवन निर्माण विभाग के उस निर्देश के एक दिन बाद दिया है, जिसमें राबड़ी देवी को विधान परिषद में विपक्ष के नेता के लिए नामित आवास 39, हार्डिंग रोड पर जाने को कहा गया था।

RJD का आवास खाली न करने का ऐलान

मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के ठीक सामने स्थित 10, सर्कुलर रोड वाले बंगले को लेकर मंगनी लाल मंडल ने पत्रकारों से बात करते हुए दो टूक कहा कि 'चाहे कुछ भी हो जाए, बंगला खाली नहीं किया जाएगा।' मंडल ने आरोप लगाया कि यह निर्णय राजनीतिक दुश्मनी से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि 'यह फैसला सत्तारूढ़ NDA द्वारा हमारे नेता लालू प्रसाद के प्रति पाले गए द्वेष की बू आती है।'


मंडल ने सवाल उठाया कि नीतीश कुमार ने विपक्ष के नेता के लिए एक बंगला नामित करने में दो दशक तक इंतजार क्यों किया। उन्होंने तर्क दिया कि लालू प्रसाद और राबड़ी देवी दोनों के मुख्यमंत्री रहने के कारण सरकार को 10, सर्कुलर रोड को उन्हीं के लिए रहने देना चाहिए था।

मंत्री संतोष कुमार सुमन ने किया सरकार का बचाव

राज्य मंत्री संतोष कुमार सुमन ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह बंगला पहले एक ऐसे प्रावधान के तहत आवंटित किया गया था जो पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन निवास का अधिकार देता था। उन्होंने कहा, 'इलाहाबाद उच्च न्यायालय के कुछ साल पहले के फैसले के बाद उस प्रावधान को रद्द करना पड़ा था।' उन्होंने स्पष्ट किया, 'हम राबड़ी देवी को बंगले से वंचित नहीं कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, किस बंगले को किसे आवंटित किया जाए, यह तय करने का अधिकार सरकार के पास है।'

वहीं मंडल ने इस फैसले को नीतीश कुमार पर भाजपा को खुश करने के लिए काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया, 'नीतीश कुमार ने भाजपा का पक्ष लेने के लिए यह फैसला लिया है... लालू जी के प्रति भाजपा की दुर्भावना को जानते हुए, नीतीश कुमार ने हमारे नेता का अपमान करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथियों को खुश करने की कोशिश की है।'

'हल्के में आंके RJD की ताकत को'

प्रदेश अध्यक्ष मंडल ने सत्तारूढ़ NDA को आगाह किया कि उन्हें RJD को हल्के में नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'सत्तारूढ़ NDA को याद रखना चाहिए कि हम विपक्ष में हो सकते हैं, लेकिन हाल के विधानसभा चुनावों में हमें उनके किसी भी घटक दल की तुलना में अधिक वोट मिले हैं।' उन्होंने NDA को उन्हें कम आंकने की कोशिश न करने की सलाह दी।

RJD की सीटों की संख्या 75 से घटकर 25 हो जाने पर मंडल ने जोर देकर कहा कि पार्टी की हार परिस्थितियों के कारण थी। उन्होंने कहा, 'हमने चुनाव नहीं हारा। यह वह व्यवस्था थी जिसने हमारे खिलाफ काम किया... हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि हम हार गए हैं'।

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