Yusuf Pathan News: बिना मंजूरी के वडोदरा में सरकारी जमीन पर कब्जा कैसे किया? गुजरात हाई कोर्ट ने यूसुफ पठान को लगाई फटकार

Yusuf Pathan News: गुजरात हाई कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता उक्त संपत्ति के उपयोग और कब्जे के लिए हर्जाना देने को तैयार रहे। पीठ ने सवाल किया कि पूर्व क्रिकेटर एवं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद यूसुफ पठान ने एक भी पैसा दिए बिना वडोदरा में सरकार जमीन पर कब्जा कैसे कर लिया

अपडेटेड Jun 09, 2026 पर 10:30 AM
Yusuf Pathan News: पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 15 जून के लिए निर्धारित की है

Yusuf Pathan News: गुजरात हाई कोर्ट ने सोमवार (8 जून) को सवाल किया कि पूर्व क्रिकेटर एवं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद यूसुफ पठान ने राज्य सरकार द्वारा आवंटन प्रस्ताव खारिज किए जाने के बावजूद एक भी पैसा दिए बिना वडोदरा में सरकार जमीन पर कब्जा कैसे कर लिया। अदालत ने कहा, "‘कोई ऐसा नहीं कर सकता।" चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डी एन रे की खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता उक्त संपत्ति के उपयोग और कब्जे के लिए हर्जाना देने को तैयार रहे। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 15 जून के लिए निर्धारित की है।

मूल रूप से वडोदरा के रहने वाले पठान पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। जस्टिस अग्रवाल ने पठान के वकील शालिन मेहता से कहा, "यह आवंटन का केवल प्रस्ताव था जिसे राज्य सरकार को भेजा गया था और उसने मंजूरी देने से इनकार कर दिया। बस यह बताइए कि आप इस भूखंड पर कब्जा कैसे कर सकते हैं? हमारे लिए इसे खारिज करने के लिए यही पर्याप्त है। कोई ऐसा नहीं कर सकता।"

पीठ ने मेहता से पूछा कि जब उनके मुवक्किल के पक्ष में कोई आवंटन नहीं हुआ था और आवंटन राशि का एक भी पैसा नहीं दिया गया था तो वह भूखंड पर कब्जा कैसे कर सकते हैं। पीठ ने पठान की उस याचिका पर सुनवाई की जिसमें पिछले साल अगस्त में सिंगल जज द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी गई है। उस आदेश में उन्हें सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वाला कहा गया था।


जुर्माना लगाने की चेतावनी

हाई कोर्ट ने पूछा कि क्या भूखंड खाली कर दिया गया है। यदि नहीं, तो पठान को इसे खाली करने के लिए कितना समय चाहिए। अदालत ने जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी। पीठ ने कहा कि पठान ने वडोदरा नगर निगम (वीएमसी) की स्थायी समिति के प्रस्ताव के आधार पर कदम उठाया जिसे बाद में राज्य सरकार को भेजा गया और उसने इसे खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि आवंटन प्रक्रिया पूरी होने और भूखंड उनके कब्जे के लिए वास्तव में आवंटित किए जाने से पहले ही पठान ने जमीन पर कब्जा कर लिया।

पीठ ने कहा, "आप भूखंड का कब्जा कैसे ले सकते है? यही तथ्य आपको अदालत से राहत पाने के दायरे से बाहर कर देता है। सरकारी भूखंड पर औपचारिकताएं पूरी हुए बिना कब्जा करने वाले किसी भी व्यक्ति को कोई रियायत नहीं दी जा सकती।"

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गुजरात हाई कोर्ट ने सितंबर 2025 में पठान की वह याचिका खारिज कर दी थी जिसमें उन्होंने वडोदरा में अपने घर के पास 978 वर्ग मीटर के भूखंड को नीलामी के बिना उन्हें आवंटित करने के वीएमसी के प्रस्ताव को खारिज करने के राज्य सरकार के नोटिस को चुनौती दी थी।

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