Get App

डिग्रियों की अब नहीं कोई वैल्यू! 83% इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स बैठे हैं बेरोजगार, कंपनियां स्किल पर दे रही ज्यादा ध्यान: रिपोर्ट

GenZ प्रोफेशनल्स में फ्रीलांसिंग और साइड हसल्स का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। 51% GenZ युवा एक्स्ट्रा इनकम के लिए फ्रीलांसिंग कर रहे हैं। हालांकि, जेंडर पे गैप अभी भी मौजूद है। दो में से एक महिला प्रोफेशनल को 6 LPA से कम का पैकेज मिल रहा है, जबकि पुरुष सहकर्मी इससे ज्यादा कमाते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 26, 2025 पर 8:33 PM
डिग्रियों की अब नहीं कोई वैल्यू! 83% इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स बैठे हैं बेरोजगार, कंपनियां स्किल पर दे रही ज्यादा ध्यान: रिपोर्ट
डिग्रियों की अब नहीं कोई वैल्यू! 83% इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स बैठे हैं बेरोजगार

आजकल, डिग्रियों की कीमत कम होती जा रही है। एक नई रिपोर्ट से पता चलता है कि 83% इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स और 46% बिजनेस ग्रेजुएट्स को नौकरी या इंटर्नशिप का ऑफर नहीं मिल रहा है। इसके बजाय, कंपनियां अब स्किल्स पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। 73% रिक्रूटर्स अब डिग्री की बजाय कैंडिडेट्स की स्किल्स पर फोकस कर रहे हैं। इससे उन युवाओं को फायदा मिल रहा है जो नए स्किल्स सीखने में रुचि रखते हैं और अपने हुनर को निखारने की कोशिश कर रहे हैं।

GenZ प्रोफेशनल्स में फ्रीलांसिंग और साइड हसल्स का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। 51% GenZ युवा एक्स्ट्रा इनकम के लिए फ्रीलांसिंग कर रहे हैं।

हालांकि, जेंडर पे गैप अभी भी मौजूद है। दो में से एक महिला प्रोफेशनल को 6 LPA से कम का पैकेज मिल रहा है, जबकि पुरुष सहकर्मी इससे ज्यादा कमाते हैं।

वर्कप्लेस कल्चर में भी GenZ और रिक्रूटर्स के बीच मतभेद नजर आए। 77% युवा प्रोफेशनल्स चाहते हैं कि उनका परफॉर्मेंस रिव्यू हर महीने या प्रोजेक्ट बेस्ड हो।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें