UPSC Exams face authentication: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों की पहचान करने के लिए एआई सक्षम तकनीक का सहारा लेगा। आयोग की सभी भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए फेस ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य करने का फैसला किया है। इससे संबंधित पायलट प्रोजेक्ट गुरुग्राम में किया गया है। इसमें प्रति उम्मीदवार मात्र 8-10 सेकेंड का समय लगा। यह कदम परीक्षा सुरक्षा और दक्षता में सुधार करेगा।
यह सिस्टम सभी यूपीएससी भर्ती परीक्षाओं के लिए अनिवार्य होगा। इसके तहत एआई समर्थित चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है जो पंजीकरण के समय जमा की गई तस्वीर के साथ लाइव इमेज का मिलान करेगी। फुल रोलआउट से पहले यूपीएससी ने 14 सितंबर, 2025 को आयोजित एनडीए (राष्ट्रीय रक्षा अकादमी) और एनए (नौसेना अकादमी) द्वितीय परीक्षा, 2025 तथा सीडीएस (संयुक्त रक्षा सेवा) द्वितीय परीक्षा, 2025 के दौरान इस सिस्टम का पायलट टेस्ट किया था। यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा, इसके जरिए परीक्षा केंद्र पर हर उम्मीदवार के वेरिफिकेशन में लगभग 8-10 सेकंड लगे, जिससे एंट्री जल्दी हुआ।
अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मकसद परीक्षा की ईमानदारी बनाए रखना और किसी और की जगह परीक्षा देने से रोकना है। आयोग की वेबसाइट पर जारी नोट में कहा गया, यूपीएससी परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों के चेहरे का परीक्षा केंद्र पर प्रमाणीकरण किया जाएगा। बता दें यूपीएससी सरकारी नौकरियों के लिए विभिन्न भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है, जिनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) परीक्षा भी शामिल हैं।
नए प्रोटोकॉल के तहत, उम्मीदवारों को परीक्षा स्थल में प्रवेश करते समय स्टैंडर्ड डॉक्यूमेंट चेक के साथ-साथ एंट्री गेट पर फेशियल रिकग्निशन से गुजरना होगा।
फेस ऑथेंटिकेशन कैसे काम करता है?
लेटेस्ट फोटो अपलोड करें : फॉर्म भरते समय छात्र हमेशा अपनी नई और साफ फोटो ही अपलोड करें। पुरानी या धुंधली फोटो होने पर एआई सिस्टम को पहचान करने में दिक्कत हो सकती है।
डॉक्यूमेंट साथ रखें : फेस ऑथेंटिकेशन के बावजूद एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट और ओरिजनल फोटो आईडी कार्ड (आधार, पैन, वोटर आईडी) साथ लाना अभी भी अनिवार्य है।