सिर से पांव तक 5 बीमारियों में फायदेमंद ये बैंगनी फूल, जानिए सेवन तरीका

Aprajita flower: अपराजिता के फूल नीले या सफेद रंग के होते हैं और खूबसूरती के साथ धार्मिक और आयुर्वेदिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। घर में पौधा लगाने से सुख-समृद्धि आती है। आयुर्वेद में इसके फूल, पत्ते और जड़ अनेक रोगों में लाभकारी हैं, मानसिक शांति, स्मरण शक्ति और पाचन सुधारने में मदद करते हैं

अपडेटेड Dec 30, 2025 पर 10:33 AM
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Aprajita flower: अपराजिता केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर है।

अपराजिता के फूल, जिन्हें बटरफ्लाई पी फूल के नाम से भी जाना जाता है, नीले या सफेद रंग के खूबसूरत फूल होते हैं। ये न केवल अपनी आकर्षक रंगत और सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि धार्मिक और आयुर्वेदिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। हिंदू धर्म में इसे पवित्र और शुभ माना जाता है और कहा जाता है कि घर में अपराजिता का पौधा लगाने से सुख-समृद्धि आती है। कई देवी-देवताओं को ये फूल प्रिय है, इसलिए इसे भगवान शिव, विष्णु, दुर्गा, लक्ष्मी, हनुमान जी और शनि देव को चढ़ाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। आयुर्वेद में इसके फूल, पत्ते और जड़ का उपयोग अनेक रोगों के इलाज में किया जाता है।

इसमें मौजूद प्राकृतिक एंथोसायनिन, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण शरीर और मन दोनों को लाभ पहुंचाते हैं। इसके सेवन से तनाव कम होता है, स्मरण शक्ति बढ़ती है, पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है और हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है।

  1. धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में अपराजिता के फूल को अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। कहा जाता है कि घर में अपराजिता का पौधा लगाने से सुख-समृद्धि आती है, क्योंकि ये कई देवी-देवताओं को प्रिय है।

  • भगवान शिव, भगवान विष्णु, मां दुर्गा, माता लक्ष्मी, हनुमान जी और शनि देव को अपराजिता के फूल चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • इससे जीवन की परेशानियां कम होती हैं और देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

  1. आयुर्वेदिक गुण और स्वास्थ्य लाभ अपराजिता केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर है। इसके फूल, पत्ते और जड़ का इस्तेमाल कई रोगों के इलाज में किया जाता है।


इसमें प्राकृतिक एंथोसायनिन मौजूद होता है, जो शरीर के लिए लाभकारी है।

फूल और जड़ का सेवन स्मरण शक्ति बढ़ाने और दिमाग सक्रिय करने में सहायक होता है। ये तनाव, चिंता और अनिद्रा को कम करता है।

पीरियड्स के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव या अनियमित पीरियड्स की समस्या में ये उपयोगी है।

आंखों के लिए भी लाभकारी, कंजेक्टिवाइटिस जैसी समस्याओं से राहत देता है।

इसमें मौजूद एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण संक्रमण रोकने और घाव जल्दी भरने में मदद करते हैं।

फूल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हैं, वजन घटाने, ब्लड शुगर नियंत्रण और हृदय स्वास्थ्य सुधारने में सहायक हैं।

  1. अपराजिता फूल की चाय कैसे बनाएं

सामग्री:

  • 4–5 सूखे या ताजे अपराजिता फूल
  • 1 कप पानी
  • स्वाद के लिए शहद, नींबू या तुलसी

विधि:

  1. पानी उबालें।
  2. फूलों को 5–7 मिनट तक उबलते पानी में डालें।
  3. छान लें और चाहें तो शहद, नींबू या तुलसी डालें।
  4. नींबू डालने से चाय का रंग नीला से बैंगनी हो जाता है।

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