बर्गर और पिज्जा के दौर से पहले हर घर में खाए जाते थे ये 10 देसी स्नैक्स, स्वाद के साथ मिलता था भरपूर पोषण

बर्गर, फ्रेंच फ्राइज और पैकेट वाले स्नैक्स के दौर में लोग धीरे-धीरे पारंपरिक भारतीय नाश्तों को भूलते जा रहे हैं। कभी घरों की रसोई और टिफिन का हिस्सा रहे ये देसी स्नैक्स स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना माने जाते थे। आज भी इनमें से कई विकल्प जंक फूड से कहीं ज्यादा पौष्टिक हैं

अपडेटेड Jun 14, 2026 पर 1:52 PM
हमारे पारंपरिक नाश्ते स्थानीय अनाज, दालों और प्राकृतिक सामग्री से तैयार किए जाते थे।

फास्ट फूड और पैकेट वाले स्नैक्स के बढ़ते चलन के बीच पारंपरिक भारतीय नाश्ते धीरे-धीरे लोगों की थाली से गायब होते जा रहे हैं। कभी घर-घर में पसंद किए जाने वाले ये देसी स्नैक्स स्वाद के साथ-साथ पोषण का भी बेहतरीन स्रोत थे। आज जब लोग हेल्दी खाने की ओर लौट रहे हैं, तब एक बार फिर इन पारंपरिक व्यंजनों की चर्चा होने लगी है। खास बात यह है कि ये नाश्ते न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने में भी मदद करते हैं।

क्यों खास थे पुराने जमाने के स्नैक्स?

हमारे पारंपरिक नाश्ते स्थानीय अनाज, दालों और प्राकृतिक सामग्री से तैयार किए जाते थे। इनमें जरूरत से ज्यादा तेल, मैदा या प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल नहीं होता था। यही वजह है कि ये आसानी से पच जाते थे और लंबे समय तक ऊर्जा भी देते थे।


भुना चना

भुना चना वर्षों से भारतीय घरों का पसंदीदा स्नैक रहा है। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर यह नाश्ता पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और अनहेल्दी स्नैकिंग की आदत को भी कम करता है।

मखाना मिक्स

हल्के मसालों के साथ भुना हुआ मखाना स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल है। इसमें कैलोरी कम होती है और यह शाम की भूख मिटाने का अच्छा विकल्प माना जाता है।

हांडवो

पश्चिम भारत का लोकप्रिय हांडवो दालों से तैयार किया जाता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है।

पीठा

चावल से बनने वाला पीठा सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की पहचान भी है। इसका स्वाद और सादगी आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

सुंदल

चना और हल्के मसालों से तैयार सुंदल फाइबर और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। यह पेट भरने के साथ शरीर को जरूरी पोषण भी देता है।

गुड़ पारा

गुड़ से तैयार यह पारंपरिक मिठाई कभी त्योहारों और खास मौकों की शान हुआ करती थी। चीनी की तुलना में गुड़ से बनी चीजें अपेक्षाकृत अधिक पौष्टिक मानी जाती हैं।

बेसन मठरी

बेसन और मसालों से बनी मठरी उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो चाय के साथ कुछ कुरकुरा खाना पसंद करते हैं। इसमें मैदे की मात्रा कम या न के बराबर होती है।

तिलकुट

तिल और गुड़ से बनने वाला तिलकुट सर्दियों में खास तौर पर खाया जाता है। इसमें कैल्शियम, आयरन और हेल्दी फैट्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।

मुरमुरा चिवड़ा

मुरमुरे से तैयार चिवड़ा हल्का और आसानी से पचने वाला स्नैक है। इसमें टमाटर, खीरा और नींबू मिलाकर स्वादिष्ट भेल भी बनाई जा सकती है।

सत्तू लड्डू

भुने चने के आटे से बने सत्तू लड्डू लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं। यह प्रोटीन से भरपूर होता है और शरीर को लगातार ऊर्जा देने में मदद करता है।

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