बारिश में क्यों बढ़ जाती है मुहांसों की समस्या? जानिए वजह और बचाव के आसान तरीके
बारिश का मौसम भले ही गर्मी से राहत देता हो, लेकिन त्वचा के लिए कई नई परेशानियां भी साथ लाता है। इस दौरान मुहांसों की समस्या काफी आम हो जाती है। बढ़ी हुई नमी और मौसम में बदलाव का असर त्वचा पर साफ नजर आता है। ऐसे में कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर इस परेशानी से बचा जा सकता है
बारिश का मौसम अपने साथ ठंडी फुहारें और गर्मी से राहत लेकर आता है, लेकिन यह मौसम त्वचा के लिए कई नई चुनौतियां भी खड़ी कर देता है। मॉनसून में बढ़ी हुई नमी, उमस और बदलता मौसम स्किन के प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित करता है, जिसका असर सबसे पहले चेहरे पर दिखाई देता है। कई लोगों को इस दौरान अचानक मुहांसे, ऑयली स्किन और दानों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खासकर जिनकी त्वचा पहले से ऑयली या एक्ने-प्रोन होती है, उनके लिए यह मौसम और भी मुश्किल हो सकता है।
हालांकि, सिर्फ ऑयली स्किन वाले ही नहीं, सामान्य और ड्राई स्किन वाले लोग भी मॉनसून में मुहांसों की परेशानी झेल सकते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आखिर बारिश के मौसम में मुहांसे क्यों बढ़ जाते हैं और कौन-सी छोटी-छोटी आदतें अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
आखिर मॉनसून में क्यों बढ़ जाते हैं मुहांसे?
बारिश का पानी बढ़ा सकता है स्किन इरिटेशन
बारिश का पानी पूरी तरह शुद्ध नहीं होता। इसमें मौजूद कुछ तत्व त्वचा को इरिटेट कर सकते हैं, जिससे लालिमा, जलन और मुहांसों की समस्या बढ़ सकती है।
उमस खोल देती है स्किन के पोर्स
मॉनसून की नमी और उमस के कारण त्वचा के रोमछिद्र (पोर्स) अधिक खुले रहते हैं। ऐसे में धूल, प्रदूषण और गंदगी आसानी से त्वचा के अंदर पहुंचकर पोर्स को बंद कर देती है, जिससे मुहांसे निकलने लगते हैं।
बैक्टीरिया और फंगस को मिलता है बढ़ने का मौका
बारिश के मौसम में हवा में नमी ज्यादा होती है। यह वातावरण बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल होता है, जो एक्ने की समस्या को बढ़ा सकते हैं।
जंक फूड भी बन सकता है वजह
मॉनसून में तली-भुनी और मसालेदार चीजें खाने का मन ज्यादा करता है। लेकिन ऐसी डाइट शरीर में सीबम (Skin Oil) का उत्पादन बढ़ा सकती है, जिससे ऑयली स्किन और मुहांसों की संभावना भी बढ़ जाती है।
मॉनसून में मुहांसों से बचने के आसान उपाय
चेहरे की सफाई को बनाएं आदत
दिन में कम से कम दो बार हल्के और pH-बैलेंस फेस वॉश से चेहरा साफ करें। इससे अतिरिक्त तेल, धूल और गंदगी हटाने में मदद मिलेगी।
टोनर का करें इस्तेमाल
फेस वॉश के बाद ऐसा टोनर लगाएं जो एक्ने से लड़ने में मदद करे। टी ट्री ऑयल या एलोवेरा वाले टोनर इस मौसम में अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
हफ्ते में दो बार करें एक्सफोलिएशन
डेड स्किन हटाने के लिए सप्ताह में दो बार हल्का एक्सफोलिएशन करें। हालांकि अपनी स्किन टाइप के अनुसार ही स्क्रब या एक्सफोलिएटर चुनें।
मॉइस्चराइजर लगाना न छोड़ें
उमस भरे मौसम में भी त्वचा को नमी की जरूरत होती है। इसलिए हल्का, ऑयल-फ्री और नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करें।
सनस्क्रीन जरूर लगाएं
बादल होने का मतलब यह नहीं कि धूप का असर खत्म हो गया। घर से बाहर निकलने से पहले SPF 30 या उससे अधिक वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना जरूरी है।
बार-बार चेहरे को छूने से बचें
हाथों पर मौजूद बैक्टीरिया और गंदगी चेहरे तक पहुंचकर मुहांसों का कारण बन सकते हैं। इसलिए बिना वजह चेहरे को छूने की आदत से बचें।
बालों की सफाई भी है जरूरी
अगर बाल ऑयली हैं और बार-बार चेहरे पर आते हैं, तो इससे भी मुहांसों की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए बालों को साफ रखें और उन्हें चेहरे से दूर रखने की कोशिश करें।
छोटी-छोटी सावधानियां दिला सकती हैं बड़ी राहत
मॉनसून में त्वचा की देखभाल थोड़ी अतिरिक्त सावधानी मांगती है। सही स्किनकेयर रूटीन, संतुलित खानपान और साफ-सफाई की आदतें अपनाकर आप इस मौसम में भी मुहांसों की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित रख सकते हैं। अगर मुहांसे लगातार बढ़ रहे हों, दर्दनाक हों या बार-बार लौट रहे हों, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा।