बरसात में कौन-सी सब्जियां खाएं और किनसे बनाएं दूरी? जानें एक्सपर्ट की सलाह

मानसून की बारिश राहत के साथ कई स्वास्थ्य चुनौतियां भी लेकर आती है। इस मौसम में पाचन कमजोर हो सकता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सब्जियों का सही चुनाव बेहद जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार कुछ सब्जियां बारिश में शरीर के लिए बेहतर होती हैं, जबकि कुछ से बचना फायदेमंद हो सकता है

अपडेटेड Jul 11, 2026 पर 11:32 AM
पत्तागोभी की परतों में बारिश के दौरान कीड़े या सूक्ष्म जीव छिपे होने की संभावना बढ़ जाती है।

मानसून की पहली बारिश जहां तपती गर्मी से राहत देती है, वहीं ये मौसम सेहत के लिए कई नई चुनौतियां भी लेकर आता है। नमी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनप सकते हैं, जिससे पेट की समस्या, संक्रमण और पाचन संबंधी परेशानियां बढ़ने लगती हैं। ऐसे में खानपान में थोड़ी सावधानी रखना बेहद जरूरी हो जाता है। खासकर सब्जियों का चुनाव करते समय ध्यान देना चाहिए, क्योंकि हर सब्जी बारिश के मौसम में शरीर के लिए फायदेमंद साबित नहीं होती।

आयुर्वेद भी इस मौसम में हल्के, ताजे और आसानी से पचने वाले भोजन को प्राथमिकता देने की सलाह देता है। सही सब्जियों का चयन और उन्हें अच्छी तरह साफ करके पकाना मानसून में स्वस्थ रहने का आसान तरीका हो सकता है।

पालक को दें थोड़े दिनों का ब्रेक


डॉ. नितिका कोहली के इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार बारिश के मौसम में पालक खाने से पेट से जुड़ी समस्याओं और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए पालक का सूप, स्मूदी या पालक पनीर फिलहाल टालना बेहतर हो सकता है।

पत्तागोभी में छिप सकते हैं अनचाहे मेहमान

पत्तागोभी की परतों में बारिश के दौरान कीड़े या सूक्ष्म जीव छिपे होने की संभावना बढ़ जाती है। आयुर्वेद इसे भारी और ठंडी तासीर वाली सब्जी मानता है, जो पाचन शक्ति को कमजोर कर सकती है।

शिमला मिर्च भी बन सकती है परेशानी की वजह

नमी वाले मौसम में शिमला मिर्च जल्दी खराब हो सकती है और उसमें फंगस या कीट लगने का खतरा बढ़ जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक इसकी ठंडी प्रकृति कुछ लोगों में गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं बढ़ा सकती है।

टमाटर हर मौसम में नहीं होता फायदेमंद

हालांकि टमाटर लगभग हर सब्जी का हिस्सा होता है, लेकिन मानसून में इसकी खट्टी तासीर एसिडिटी और पाचन संबंधी दिक्कतों को बढ़ा सकती है। आयुर्वेद इस मौसम में इसका सीमित सेवन करने की सलाह देता है।

फूलगोभी के पकौड़े खाने से पहले सोच लें

बरसात में फूलगोभी की ठंडी और अधिक पानी वाली प्रकृति पाचन अग्नि को कमजोर कर सकती है। इसलिए इसे कम मात्रा में या पूरी तरह पकाकर ही खाना बेहतर माना जाता है।

मशरूम में बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा

मशरूम नमी वाली मिट्टी में उगते हैं और बारिश के दौरान इनमें बैक्टीरिया पनपने की संभावना अधिक रहती है। सही तरीके से साफ और पकाए बिना खाने पर फूड पॉइजनिंग या पेट की समस्या हो सकती है।

बैंगन खाते समय रखें अतिरिक्त सावधानी

बारिश के मौसम में बैंगन पर कीड़ों और बैक्टीरिया का हमला ज्यादा हो सकता है। कुछ लोगों में यह खुजली, एलर्जी या त्वचा संबंधी परेशानियां भी बढ़ा सकता है।

ये सब्जियां बरसात में हो सकती हैं बेहतर विकल्प

लौकी बन सकती है आपकी हेल्दी साथी

लौकी में पानी, फाइबर और जरूरी विटामिन भरपूर होते हैं, जो पाचन को बेहतर रखने और शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। हालांकि इसे खरीदते समय कड़वी या खराब लौकी से बचें और हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।

खीरा खाना है तो पहले करें सही तैयारी

बारिश में खीरे की सतह पर कीटाणु जमा हो सकते हैं। इसे खाने से पहले 10–15 मिनट गुनगुने पानी में भिगोएं, अच्छी तरह धोएं, छिलका उतारें और फिर सेवन करें।

भिंडी बनाते समय न करें जल्दबाजी

भिंडी के अंदर छोटे कीड़े छिपे हो सकते हैं, इसलिए इसे लंबाई में काटकर अच्छी तरह जांचें। साफ पानी से धोकर पूरी तरह पकाने के बाद ही खाएं, ताकि बैक्टीरिया और फंगस का खतरा कम हो सके।

मानसून में याद रखें ये नियम

आयुर्वेद के अनुसार बारिश के मौसम में हल्का, ताजा, घर का बना और अच्छी तरह पका भोजन सबसे सुरक्षित माना जाता है। सब्जियों को अच्छी तरह धोना, साफ करना और पूरी तरह पकाकर खाना इस मौसम में संक्रमण और पाचन संबंधी समस्याओं से बचने का आसान तरीका है।

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