डेंगू-मलेरिया और वायरल सबसे लक्षण एक जैसे, फिर कैसे करें पहचान? जानें इसके बारे में

मानसून में नमी और तापमान के उतार-चढ़ाव से मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार जैसी बीमारियों का खतरा अधिक होता है। इनके लक्षण अक्सर एक जैसे होने से पहचान में गलती हो जाती है। आइए जानते हैं कैसे पहचाने इन बिमारियों को

अपडेटेड Aug 31, 2025 पर 5:21 PM
इन सभी बिमारियों के लक्षण जैसे बुखार और शरीर में दर्द काफी हद तक मिलते-जुलते हैं (Photo: Canva)

मानसून के मौसम में हर जगह काफी हरियाली होती है। बारिश के मौसम में गर्मी से भी राहत मिलती है। इस मौसम में कई बिमारियों के होने का खतरा भी बना रहता है। मानसून के दौरान नमी और बदलते टेम्परेचर की वजह से मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है। मच्छरों के काटने से कई बीमारियां भी होने का खतरा रहता है। इस मौसम में डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार जैसी बीमारियों का खतरा ज्यादा हो जाता है। इन सभी बिमारियों के लक्षण जैसे बुखार और शरीर में दर्द काफी हद तक मिलते-जुलते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें पहचानने में गलती कर देते हैं।

अगर समय रहते इन बिमारियों की पहचान नहीं की जाए तो ये हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है। इसी वजह से समय रहते इसकी पहचान करनी बहुत जरूरी है।

वायरल बुखार


मौसमी वायरल बुखार ज्यादातर गंदे पानी, गंदे सरफेस या इन्फेक्टेड व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। इसके आम लक्षण हल्का से मध्यम बुखार (100-102 डिग्री फारेनहाइट), गले में खराश, खांसी, नाक बहना, शरीर में दर्द और हल्की थकान होते हैं। यह बीमारी आमतौर पर 3 से 5 दिनों में बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाती है।

डेंगू मच्छर

डेंगू एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से फैलता है, जो ज्यादातर दिन में एक्टिव रहते हैं। इसके मुख्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार (102 डिग्री फारेनहाइट से अधिक), तीव्र सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द शामिल हैं। कई बार बुखार आने के 2 से 5 दिन बाद त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई देते हैं और रक्त जांच में प्लेटलेट्स की संख्या घट जाती है। अगर आपके शरीर में ये लक्षण दिखाई देते है तो तुंरत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

मलेरिया

मलेरिया प्लास्मोडियम नामक परजीवी से होता है, जो एनोफिलीज मच्छर के काटने से शरीर में फैलता है। इसके लक्षणों में ठंड लगना और कंपकंपी के साथ आने वाला बुखार, बुखार उतरने के बाद ज्यादा पसीना आना, लगातार थकान और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं। गंभीर मामलों में पीलिया और खून की कमी (एनीमिया) भी हो सकती है।

डॉक्टर से करें संपर्क

इन बीमारियों के लक्षण भले ही मिलते-जुलते हों, लेकिन सही कारण की पहचान केवल ब्लड टेस्ट से ही हो सकती है। इसलिए लक्षणों के आधार पर अनुमान लगाने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है। डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जरूरी है कि मच्छरों के काटने से खुद को सुरक्षित रखें। घर के आस पास साफ-सफाई का ध्यान रखें और किसी भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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