मुंबई का गणेशोत्सव अपनी भव्यता और खास परंपराओं के लिए देशभर में जाना जाता है। इसी बीच गणपति उत्सव एक बार फिर चर्चा में है। यहां बप्पा का भव्य श्रृंगार, वैदिक परंपराएं और उत्सव की खास व्यवस्थाएं हर साल भक्तों का ध्यान खींचती हैं। इस बार भी मंडल ने गणेशोत्सव को लेकर ऐसी तैयारियां की हैं, जो इसे और खास बना रही हैं।
जीएसबी सेवा मंडल के बप्पा के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। इस उत्सव में आस्था के साथ भव्यता और सेवा का भी खास मेल देखने को मिलता है। इस बार की तैयारियों में ऐसी कई खास बातें शामिल हैं, जिनके बारे में जानकर आप भी इस गणपति उत्सव की भव्यता का अंदाजा लगा सकते हैं।
बप्पा का सोना-चांदी से शाही श्रृंगार
मंडल के प्रवक्ता अमित पाई के मुताबिक, पांच दिन के उत्सव के दौरान भगवान गणेश की मूर्ति को 66 किलो से ज्यादा सोने और 335 किलो चांदी के गहनों से सजाया जाएगा। ‘नवसाला पावणारा विश्वचा राजा’ के नाम से मशहूर बप्पा के श्रृंगार में कीमती रत्नों का भी इस्तेमाल किया जाता है। ये आभूषण भक्तों और सेवादारों की ओर से श्रद्धा के साथ दान किए गए हैं।
गणपति की मूर्ति के विराट रूप के दर्शन
बप्पा की मूर्ति की पहली झलक 12 सितंबर को रात 8 बजे ‘विराट दर्शन’ के दौरान दिखाई गयी। भव्य आयोजन के साथ इस बार मंडल ने पर्यावरण का भी ध्यान रखा है। गणपति की मूर्ति पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी से तैयार की जाती है। इसके अलावा कागज की खपत कम करने के लिए प्रिंटेड रसीदों की जगह डिजिटल सिस्टम अपनाया गया है।
गणेश जी का रिकॉर्ड तोड़ इंश्योरेंस कवर
मुंबई का प्रसिद्ध जीएसबी सेवा मंडल अपने 72वें गणेशोत्सव के लिए पूरी तरह तैयार है। किंग्स सर्कल में होने वाले इस पांच दिवसीय उत्सव में इस बार सुरक्षा को खास महत्व दिया गया है। मंडल ने 703.27 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड ऑल-रिस्क इंश्योरेंस कवर लिया है। पिछले साल यह कवर 474 करोड़ रुपये और 2024 में 400 करोड़ रुपये का था। बीमा में बप्पा के कीमती गहनों के साथ पंडाल, अस्थाई ढांचे, भक्तों, स्वयंसेवकों, पुजारियों, सुरक्षाकर्मियों और दूसरी व्यवस्थाओं को भी शामिल किया गया है।
भक्तों के लिए किए ये खास इंतजाम
जीएसबी सेवा मंडल की खास परंपराओं में अन्नदान सेवा भी शामिल है। गणेशोत्सव के दौरान रोज 40 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को केले के पत्तों पर महाप्रसाद कराया जाएगा। पांच दिनों में 2 लाख से ज्यादा भक्त इस सेवा का लाभ ले सकते हैं। इसके साथ ही महापूजा, अर्चना, गणाहोम और तुलाभार जैसी कई धार्मिक सेवाएं भी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आयोजित की जाती हैं।
पांच दिन का भव्य इकोफ्रेंडली उत्सव
गणेशोत्सव के दौरान तेज आवाज और डीजे को लेकर भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। महाराष्ट्र की स्वास्थ्य राज्य मंत्री मेघना बोरडीकर और जिले के प्रभारी मंत्री संजय शिरसाट ने लोगों से डीजे साउंड सिस्टम न बजाने की अपील की। त्योहार की वजह से किसी दूसरे व्यक्ति को परेशानी या स्वास्थ्य संबंधी नुकसान नहीं होना चाहिए। उत्सव की खुशी के साथ दूसरों की सेहत और सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी है।
गणपति उत्सव की असली खूबसूरती सिर्फ सजावट और भव्य आयोजन में नहीं, बल्कि उस आस्था में है जो हजारों लोगों को एक साथ जोडती है। जीएसबी सेवा मंडल का उत्सव इसी भावना की झलक देता है, जहां सालों पुरानी परंपराओं के साथ सेवा और नई सोच को भी जगह दी जा रही है। यही वजह है कि यहां का गणेशोत्सव हर साल भक्तों के बीच खास आकर्षण बना रहता है।