गर्दन का कालापन सिर्फ दिखने में खराब नहीं लगता, बल्कि यह आपकी पर्सनैलिटी को भी फीका कर देता है। पसीना, धूल-मिट्टी, धूप में ज्यादा देर रहना, केमिकल वाले स्किन प्रोडक्ट्स और कई बार कुछ स्वास्थ्य समस्याएं—ये सभी वजहें गर्दन की त्वचा को डार्क और बेजान बना देती हैं। गर्मियों में तो पसीना और धूल-मिट्टी मिलकर गर्दन पर मैल की परत जमा देते हैं, जिससे स्किन सांस नहीं ले पाती और रंग और भी गहरा हो जाता है। लंबे समय तक यूवी किरणों के संपर्क में रहने से टैनिंग भी हो जाती है। यही नहीं, कुछ लोग इस कारण इतने असहज हो जाते हैं कि खुले गले वाले कपड़े पहनने से भी कतराने लगते हैं।
