हाई कोलेस्ट्रॉल दिल की बीमारियों की सबसे बड़ी वजहों में से एक माना जाता है। अब ऐसे मरीजों के लिए अच्छी खबर है, जिनका खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) स्टेटिन दवाएं लेने के बाद भी कम नहीं हो रहा था। अमेरिकी दवा नियामक US FDA ने पहली ऐसी ओरल दवा Lipfendra को मंजूरी दी है, जो क्लिनिकल ट्रायल में LDL को 55% से ज्यादा तक कम करने में सफल रही।
किन मरीजों के लिए है यह दवा?
यह दवा उन हाई-रिस्क मरीजों के लिए है, जिनका खराब कोलेस्ट्रॉल स्टेटिन दवाओं के बावजूद कंट्रोल नहीं हो रहा है। ऐसे मरीजों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है।
अब तक PCSK9 को टारगेट करने वाली ज्यादातर दवाएं इंजेक्शन के रूप में दी जाती थीं। Lipfendra पहली ऐसी दवा है, जिसे गोली के रूप में लिया जा सकता है। इससे इलाज मरीजों के लिए ज्यादा आसान हो सकता है।
Lipfendra मर्क (Merck) की नई दवा है। यह दुनिया की पहली ओरल PCSK9 इनहिबिटर दवा है, यानी इसे इंजेक्शन की बजाय गोली के रूप में लिया जाता है। इसे खास तौर पर उन मरीजों के लिए मंजूरी मिली है, जिनका LDL कोलेस्ट्रॉल स्टेटिन लेने के बाद भी ज्यादा रहता है।
यह दवा लीवर में मौजूद PCSK9 प्रोटीन को ब्लॉक करती है। यह प्रोटीन शरीर की खून से खराब कोलेस्ट्रॉल हटाने की क्षमता को कम कर देता है। जब इसे रोका जाता है, तो शरीर LDL को ज्यादा एफेक्टिवली तरीके से बाहर निकाल पाता है।
साइड इफेक्ट और जरूरी सावधानी
ट्रायल में इस दवा के साइड इफेक्ट हल्के पाए गए। कुछ लोगों में चक्कर आना और दस्त जैसी शिकायतें देखी गईं। डॉक्टरों के अनुसार, इस दवा को खाली पेट लेना जरूरी है ताकि इसका असर बेहतर हो।
ट्रायल में कितना असर दिखा?
करीब 3,000 मरीजों पर हुए क्लिनिकल ट्रायल में Lipfendra लेने वाले मरीजों का LDL कोलेस्ट्रॉल छह महीने में 55% से ज्यादा कम हुआ। एक दूसरी स्टडी में प्लेसीबो की तुलना में औसतन 59% तक कमी देखी गई।
दिल की बीमारी दुनिया भर में मौत की बड़ी वजह है और हाई LDL कोलेस्ट्रॉल इसका रिस्क फैक्टर है। ऐसे में पहली ओरल PCSK9 दवा को मंजूरी मिलना इलाज के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर उन मरीजों के लिए जिन्हें एडिशनल थैरेपी की जरूरत होती है।