Assembly Elections 2023: भाजपा ने चुनाव प्रचार के लिए प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और आदित्यनाथ पर खेला है बड़ा दांव

भाजपा के चुनावी प्रचार का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। 8 नवंबर को मध्य प्रदेश में उनकी तीन रैलियां हुईं। 9 नवंबर को भी उनकी राज्य में तीन रैलियां हैं। इस बार उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने में प्रधानमंत्री की रैली कितनी कारगर साबित होगी, इसका पता 3 दिसंबर को लगेगा। 3 दिसंबर को वोटों की गिनती होने वाली है

अपडेटेड Nov 09, 2023 पर 4:21 PM
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भाजपा ने इस बार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अपने पुराने क्षत्रपों को उतारा है।

भाजपा (BJP) ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में अपनी पूरी ताकत लगा दी है। पार्टी के स्टार प्रचारक एक दिन में कई रैलियां कर रहे हैं। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हैं। भाजपा की कोशिश उन पांच फीसदी मतदाताओं को अपने पाले में लाने की है, जिनके वोट किसी भी तरफ जा सकते हैं। भाजपा के चुनावी प्रचार का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। 8 नवंबर को मध्य प्रदेश में उनकी तीन रैलियां हुईं। 9 नवंबर को भी उनकी राज्य में तीन रैलियां हैं। इस बार उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने में प्रधानमंत्री की रैली कितनी कारगर साबित होगी, इसका पता 3 दिसंबर को लगेगा। 3 दिसंबर को वोटों की गिनती होने वाली है। मोदी की रैलियों को देखकर लगता है कि भाजपा का भरोसा इस धारणा पर नहीं है कि विधानसभा चुनाव आम तौर पर स्थानीय मसलों पर लड़े जाते हैं।

भाजपा ने पुराने क्षत्रपों को मैदान में उतारा

भाजपा ने इस बार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अपने पुराने क्षत्रपों को उतारा है। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान राज्य के विकास और वेल्फेयर स्कीमों के आधार पर मतदाताओं का भरोसा हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में रमन सिंह मुख्यमंत्री भूपेष बघेल की सरकार की कमियां लोगों को गिना रहे हैं। उधर, वसुंधरा राजे राजस्थान में भाजपा को जीत दिलाने की कोशिश कर रही हैं। राजस्थान में पिछले तीन दशकों की परंपरा इस बार टूटेगी या नहीं इसका पता 3 दिसंबर को चलेगा। भाजपा में हर पांच साल पर सरकार बदलने की परंपरा रही है।


पिछड़ी जातियों पर खास नजर

विधानसभा चुनावों के ऐलान के वक्त माना जा रहा था कि पिछले कई सालों से भाजपा की राज्य इकाइयों को मजबूती देने वाले नेता अब थक गए हैं। पार्टी पर कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए नए नेताओं को चुनावी प्रचार में उतारने की उम्मीद थी। लेकिन, ऐसा देखने को नहीं मिला। ऐसे में प्रधानमंत्री को तीनों राज्यों में चुनाव प्रचार के नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी रैलियों में कांग्रेस पर तीखे हमले किए। उधर, कांग्रेस इस बार पहले के मुकाबले बेहतर स्थिति में दिख रही है। कांग्रेस जातीय गणना को मुख्य चुनावी मसला बनाती दिख रही है। उधर, पीएम मोदी ने रैलियों में खुद को ओबीसी जाति का बताते हुए पिछड़ी जातियों के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की है।

प्रधानमंत्री ने किया बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना में ओबीसी जाति का पहला मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ पिछड़ी जातियों और जनजातीय समूहों के हितों की बात करती है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में केंद्र में एक जनजातीय महिला को राष्ट्रपति बनने का मौका मिला। उन्होंने गरीब कल्याण अन्न योजना को भी और पांच साल के लिए बढ़ाने का ऐलान किया है।

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