MP Election 2023: मध्य प्रदेश के सागर जिले में 8 विधानसभा सीटें हैं। इनमें सिर्फ एक सीट ही आरक्षित है। 8 सीटों में से 6 सीटों पर बीजेपी का कब्जा है तो 2 सीटों पर कांग्रेस की पकड़ बनी हुई है। सागर जिले की सुरखी विधानसभा सीट सूबे की हाई प्रोफाइल सीटों में से एक है। इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है। इस सीट से मौजूदा समय में गोविंद सिंह राजपूत विधायक हैं। राजपूत शिवराज सरकार में मंत्री भी हैं और बीजेपी ने एक बार फिर इस कद्दावर नेता पर भरोसा जताया है। वहीं कांग्रेस से इस सीट से नीरज शर्मा को मैदान में उतारा है।
गोविंद सिंह राजपूत ज्योतिरादित्य खेमे के हैं। साल 2020 में उनके साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आ गए थे। मौजूदा समय में राज्य सरकार में परिवहन और राजस्व मंत्री हैं। यहां हुए उपचुनाव में भी बीजेपी की ओर से गोविंद सिंह राजपूत को टिकट दिया गया था। जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई थी।
गोविंदा सिंह राजपूत का गढ़ है सुरखी
साल 1951 से लेकर हुए 16 चुनाव/उपचुनावों में यहां से 9 बार कांग्रेस जीतकर आई है। वहीं, 4 बार भाजपा जबकि, 1 बार भारतीय जनसंघ, 1 बार जनता पार्टी, 1 बार जनतादल के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। सुरखी विधानसभा से अलग-अलग चुनावों में सबसे ज्यादा चार बार विधायक बनने वाले एक मात्र प्रत्याशी गोविंद सिंह राजपूत हैं। सुरखी विधान सभा के 71 सालों के इतिहास में सबसे बड़ी जीत और सबसे छोटी हार भी गोविंद के ही नाम है। वे 2013 में भाजपा की पारुल साहू से महज 141 वोट से चुनाव हार गए थे। 2020 के उपचुनाव में पांसा पलटा और गोविंद भाजपा में तो पारुल कांग्रेस में पहुंच गईं। गोविंद ने इस उपचुनाव में उन्हें 40991 वोट से करारी शिकस्त दी।
कांग्रेस ने नीरज शर्मा पर जताया भरोसा
कांग्रेस के प्रत्याशी नीरज शर्मा दो महीना पहले ही कांग्रेस में शामिल हुए हैं। नीरज शर्म 2010 में जनपद पंचायत अध्यक्ष रहे हैं। वहीं एक बार राहतगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष रहे हैं। दो पहीने पहले ही बीजेपी से बगावत कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। उस दौरान उन्होंने गोविंद सिंह राजपूत पर कई आरोप लगाए थे। नीरज शर्मा को सागर के पूर्व सांसद और भाजपा नेता लक्ष्मीनारायण यादव के खेमे का माना जाता है।