आमलकी एकादशी, जिसे रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। ये एकादशी फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आती है और होली से चार दिन पहले मनाई जाती है। इस वर्ष आमलकी एकादशी 10 मार्च 2025, सोमवार को पड़ेगी। ये व्रत उत्तम स्वास्थ्य, सौभाग्य और मोक्ष की प्राप्ति के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है। काशी में इसे रंगभरी एकादशी के रूप में हर्षोल्लास से मनाया जाता है, जहां भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा होती है।
