Dev Diwali 2024: आज मनाई जा रही है देवताओं की दीपावली, जानिए महत्व और पूजन विधि, मिलेगा पुण्य

Dev Diwali 2024: हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन पूरे भारत में देव दीवाली मनाई जाएगी। इस बार यह 15 नवंबर को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान के साथ दीपदान करते है। आइए जानते हैं देव दीपावली पर दीपदान करने का महत्व

अपडेटेड Nov 15, 2024 पर 9:09 AM
dev diwali: 15 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा के दिन पूरे भारत में देव दीवाली मनाई जाएगी

Dev Diwali 2024: दीपावली का त्यौहार तो बीत चुका है पर देश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में अभी एक और दीवाली मनाई जानी बाकी है। वाराणसी में इस दिन देवताओं की दीवाली मनाई जाती है इसीलिए इसे देव दीपावली के नाम से जानते हैं। हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन यह पर्व मनाया जाता है, जो इस बार 15 नवंबर 2024 को आएगा।

इस दिन हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग पवित्र नदियों में स्नान के साथ दीपदान करते है। देव दीवाली को भारत में अत्यधिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। आइए जानते हैं देव दीपावली की मान्यताएं और दीपदान का महत्व।

15 नवंबर को मनाई जाएगी देव दीवाली


हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीवाली मनाया जाता है। इस बार देव दिवाली 15 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। धार्मिक रूप से इस दिन का विशेष महत्व होता है। देव दीवाली के पीछे पौराणिक कथा यह है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था। इस विजय के उपलक्ष्य में, देवताओं ने दीप जलाकर भगवान शिव का स्वागत किया था। इसी कारण इस दिन को देव दिवाली के रूप में मनाया जाता है। इस दिन हिन्दू धर्म को मामने वाले लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और दीपदान करते हैं।

दीपदान करने का विशेष महत्व

दीपदान का महत्व इस दिन विशेष होता है। दीपक जलाकर उसे देव स्थान पर रखने की परंपरा है। यह माना जाता है कि इससे जीवन में समृद्धि और सुख-शांति आती है। इस साल देव दिवाली की पूर्णिमा तिथि 15 नवंबर को सुबह 06:19 बजे शुरू होगी और 16 नवंबर को सुबह 02:58 बजे समाप्त होगी। पूजन के लिए प्रदोष काल का मुहूर्त शाम 05:10 से 07:47 तक होगा, जो कि 2 घंटे 37 मिनट का है।

सूर्योदय से पहले करना चाहिए स्नान

पूजन विधि के अनुसार, व्यक्ति को कार्तिक पूर्णिमा की सुबह सूर्योदय से पहले स्नान करना चाहिए। अगर संभव हो तो गंगा स्नान भी करें। इसके बाद घी या तिल के दीये का दीपदान करें और भगवान विष्णु की आराधना करें। इस दिन अन्न या खाने की वस्तु का दान करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

Tulsi Vivah 2024: तुलसी विवाह की पूजा में जरूरी हैं ये चीजें, अभी नोट कर लें पूरी सामग्री

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।