Mahakumbh 2025: अध्यात्म और व्यवसाय के संगम का गवाह बनेगा महाकुंभ, 40 करोड़ श्रद्धालु पहुंचेंगे

महाकुंभ की तैयारियों के लिए यूपी की सरकार ने 5,435.68 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इस पैसे का इस्तेमाल 421 परियोजनाओं के लिए किया जा रहा है। कंपनियां मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर 3,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्लान बना चुकी हैं

अपडेटेड Dec 18, 2024 पर 5:05 PM
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प्रयागराज भारत की आध्यात्मिकता का प्रतीक पहले से है, अब यह इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी पहचाना जाएगा।

इस बार प्रयागराज महाकुंभ का दीदार दुनिया करेगी। 40 करोड़ श्रद्धालुओं के महाकुंभ में पहुंचने की उम्मीद है। महाकुंभ शुरू होने में अब एक महीना से कम समय बचा है। इसलिए यूपी सरकार ने प्रयागराज को विश्व-स्तरीय धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की कोशिशें बढ़ा दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद हर तैयारी का जायजा ले रहे हैं। शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर सरकार खास ध्यान दे रही है। सड़कों को बेहतर बनाया जा रहा है। रोड नेटवर्क की क्षमता बढ़ाई जा रही है। शहर की इमारतों को खूबसूरत रूप दिया जा रहा है।

आध्यात्मिक अनुभव के लिए खास तैयारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में कहा, "हमारी कोशिश विश्व-स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण से ऐसे आध्यात्मिक अनुभव का माहौल तैयार करना है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सके। प्रयागराज के सफर में श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। संगम (Sangam) पर उनके खास आध्यात्मिक अनुभव के लिए खास उपाए किए जाने चाहिए।"


5435 करोड़ रुपये के खर्च से सजेगा प्रयागराज

महाकुंभ की तैयारियों के लिए यूपी की सरकार ने 5,435.68 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इस पैसे का इस्तेमाल 421 परियोजनाओं के लिए किया जा रहा है। सरकार की तरफ से 3,461 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इस पैसे से शहर की सूरत बदली जा रही है। गंगा-जमुना और सरस्वती के संगम वाला यह शहर महाकुंभ की वजह से पूरी दुनिया में मशहूर हो जाएगा।

अध्यात्म और पर्यावरण का होगा मेल

यूपी सरकार के चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह ने कहा, "महाकुंभ 2025 अध्यात्म और पर्यावरण के मेल का प्रतीक बनेगा। सरकार सदियों पुरानी परंपरा को अक्षुण्ण रखने के लिए ग्रीन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है।" इससे पहले 2019 के कुंभ मेले से करीब 1.2 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ था। महाकुंभ 2025 में रेवेन्यू इससे काफी ज्यादा रहने की उम्मीद है। कंपनियां मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर 3,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्लान बना चुकी हैं। वे इस मौके का फायदा उठाने का मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहती हैं।

अध्यात्म और व्यवसाय के संगम का गवाह बनेगा

गिरि इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज की नोमिता पी कुमार ने कहा कि यह महाकुंभ अध्यात्म और व्यवसाय के संगम का गवाह बनेगा। ब्रांड्स करोड़ों लोगों से कनेक्ट होने के लिए अध्यात्म के इस रास्ते का पूरा इस्तेमाल करना चाहते हैं। यूपी सरकार जिस तरह से महांकुभ को करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाना चाहती है, उसे देख ऐसा लगता है कि यह महाकुंभ भारतीय संस्कृति को नए नजरिए से देखने के लिए पूरी दुनिया को मजबूर कर देगा।

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आने वाली पीढियां याद करेंगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में कहा था, "हम सिर्फ सड़क और दूसरी ढांचागत सुविधाओं का निर्माण नहीं कर रहे, हम एक ऐसी विरासत को स्थापित कर रहे हैं जिसे आने वाली पीढ़ियां गौरव के साथ याद कर सकेंगी। प्रयागराज भारत की आध्यात्मिकता का प्रतीक पहसे से है, अब यह इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी पहचाना जाएगा।"

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