कुछ ही दिनों में प्रयागराज में महाकुंभ का भव्य आयोजन होने वाला है। हिंदू धर्म में इसको सबसे बड़ा पर्व माना जाता है, महाकुंभ 12 साल में एक बार लगता है। जो देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर आयोजित होता है। महाकुंभ आस्था और धर्म का यह सबसे बड़ा मेला होता है। ऐसी मान्यता है कि महाकुंभ में स्नान करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है और उसके पिछले सभी पाप समाप्त जाते हैं।
इसी वजह से महाकुंभ में नहाने के लिए देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु और साधु-संत संगम तट पर एकत्रित होते हैं। देश के कुल 4 मुख्य धार्मिक शहरों में कुंभ मेले का आयोजन होता है, जिसमें प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक शामिल है।
प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत पौष पूर्णिमा के दिन 13 जनवरी से हो रही है और यह 26 जनवरी महाशिवरात्रि के दिन खत्म होगा। इस बार के महाकुंभ में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालु मेले में आस्था की डुबकी लगाएंगे। यह केवल एक धार्मिक पर्व का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत का भी प्रतीक माना जाता है।
गृहस्थ लोगों को किन बातों का रखना होगा ध्यान
कुंभ मेला 45 दिनों तक चलता है, जिसमें शाही स्नान की तिथियां बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। इस दौरान गृहस्थ लोगों को स्नान के कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए ताकि उन्हें पवित्र स्नान का पूरा लाभ मिल सके। आइए जानते हैं गृहस्थ लोगों यानी शादीशुदा लोगों को कुंभ में पवित्र स्नान से पहले किन 2 बातों का खास तौर पर ख्याल रखना चाहिए।
आस्था के महासंगम शाही स्नान की कुल 6 तिथियां पड़ रही हैं
13 जनवरी 2025- पौष पूर्णिमा
14 जनवरी 2025 - मकर संक्रांति
29 जनवरी 2025 - मौनी अमावस्या
3 फरवरी 2025 - वसंत पंचमी
12 फरवरी 2025- माघ पूर्णिमा
26 फरवरी 2025- महाशिवरात्रि पर्व
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