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MahaKumbh 2025: शादीशुदा लोगों को महाकुंभ में स्नान से पहले जानने चाहिए ये नियम, तभी मिलेगा स्नान का फल

MahaKumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ का भव्य आयोजन होने वाला है। महाकुंभ हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है। कुंभ स्नान के दौरान गृहस्थ लोगों को पवित्र स्नान का पूर्ण लाभ पाने के लिए दो महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं कौन सी बात का ख्याल रखना चाहिए

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 02, 2025 पर 9:29 PM
MahaKumbh 2025: शादीशुदा लोगों को महाकुंभ में स्नान से पहले जानने चाहिए ये नियम, तभी मिलेगा स्नान का फल
MahaKumbh mela 2025: प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी से हो रही है और यह 26 जनवरी को यह खत्म होगा

कुछ ही दिनों में प्रयागराज में महाकुंभ का भव्य आयोजन होने वाला है। हिंदू धर्म में इसको सबसे बड़ा पर्व माना जाता है, महाकुंभ 12 साल में एक बार लगता है। जो देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर आयोजित होता है। महाकुंभ आस्था और धर्म का यह सबसे बड़ा मेला होता है। ऐसी मान्यता है कि महाकुंभ में स्नान करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है और उसके पिछले सभी पाप समाप्त जाते हैं।

इसी वजह से महाकुंभ में नहाने के लिए देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु और साधु-संत संगम तट पर एकत्रित होते हैं। देश के कुल 4 मुख्य धार्मिक शहरों में कुंभ मेले का आयोजन होता है, जिसमें प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक शामिल है।

कब शुरू हो रहा महाकुंभ

प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत पौष पूर्णिमा के दिन 13 जनवरी से हो रही है और यह 26 जनवरी महाशिवरात्रि के दिन खत्म होगा। इस बार के महाकुंभ में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालु मेले में आस्था की डुबकी लगाएंगे। यह केवल एक धार्मिक पर्व का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत का भी प्रतीक माना जाता है।

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