Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि पर करें ये उपाय, जानें शिवलिंग पर कौन-सी चीजें चढ़ाने से मिलती है विशेष कृपा

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का पावन पर्व है, जिसे 26 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन भक्त शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, घी, चंदन और गंगाजल अर्पित करते हैं, जबकि केतकी के फूल, तुलसी, हल्दी आदि चढ़ाने से बचते हैं। शिव पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है

अपडेटेड Feb 26, 2025 पर 8:21 AM
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Mahashivratri 2025: भक्ति, आस्था और शिव आराधना का महापर्व

महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे भगवान शिव और माता पार्वती के पावन मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह दिन भक्ति, तपस्या और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होता है। देशभर में शिवालयों, मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, लेकिन हरिद्वार और उज्जैन में इसकी भव्यता देखने लायक होती है। यहां शिव-पार्वती की भव्य बारात निकाली जाती है, झांकियां सजाई जाती हैं और भक्तों द्वारा जागरण व भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है।

इस शुभ अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखते हैं, रुद्राभिषेक करते हैं और भगवान शिव को जल, बेलपत्र, दूध और अन्य पवित्र सामग्री अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से समस्त दुखों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

शिव-पार्वती विवाह का पावन दिन


शास्त्रों के अनुसार, महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का दिन है। मान्यता है कि इस शुभ अवसर पर शिव-पार्वती की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस साल, महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 को मनाई जा रही है। इस दिन श्रवण नक्षत्र रहेगा, जो शाम 5:23 बजे तक प्रभावी रहेगा। साथ ही, इस अवधि में परिध योग का भी संयोग रहेगा।

शिवलिंग की पूजा का महत्व

शिवलिंग की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। इस दिन विशेष रूप से कुछ वस्तुएं अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं, जबकि कुछ चीजों को शिवलिंग पर चढ़ाने से बचना चाहिए।

शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं?

जल अर्पण करें – शिवलिंग पर जल चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

दूर्वा अर्पित करें – भगवान शिव को दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है।

घी चढ़ाएं – महाशिवरात्रि पर गाय के दूध से बना शुद्ध देसी घी चढ़ाना विशेष फलदायी होता है।

आंकड़े के फूल – शिवलिंग पर आंकड़े के फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है।

बेलपत्र अर्पण करें – इस दिन शिवलिंग पर 21 बेलपत्र चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।

चंदन, फूल, चावल और शक्कर – शिवलिंग पर इन चीजों को अर्पित करना लाभकारी होता है।

नीलकमल का फूल – भगवान शिव को नीलकमल चढ़ाने से विशेष आशीर्वाद मिलता है।

गन्ने का रस – शिवलिंग पर गन्ने का रस अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

शमी के पत्ते – पूजा के दौरान शिवलिंग पर शमी के पत्तों को अर्पित करना शुभ होता है।

दूध मिश्रित जल – शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

गंगाजल, सफेद तिल, शहद – इन पवित्र वस्तुओं को अर्पित करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए?

केतकी का फूल – धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पर केतकी का फूल अर्पित करना निषेध माना गया है।

तुलसी के पत्ते – भगवान शिव की पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

सिंदूर – शिवलिंग पर सिंदूर अर्पित करना अशुभ माना जाता है।

टूटा हुआ चावल – भगवान शिव की पूजा में टूटे चावल का प्रयोग वर्जित है।

हल्दी – शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाना उचित नहीं माना जाता।

कटे हुए फूल, काले तिल और अशुद्ध मिठाई – ये चीजें शिवलिंग पर अर्पित नहीं करनी चाहिए।

महाशिवरात्रि पर विशेष मंत्र

शिव आरोग्य मंत्र

माम् भयात् सवतो रक्ष श्रियम् सर्वदा।

आरोग्य देही में देव देव, देव नमोस्तुते।।

ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

शिवलिंग पर जल चढ़ाने का मंत्र

मन्दाकिन्यास्तु यद्वारि सर्वपापहरं शुभम् ।

तदिदं कल्पितं देव स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम् ॥

श्रीभगवते साम्बशिवाय नमः । स्नानीयं जलं समर्पयामि।

इस महाशिवरात्रि, भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। हर हर महादेव।

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