अगले महीने पेश होने वाले बजट में आत्मनिर्भर भारत की तरफ कदम उठते दिखेंगे। सीएनबीसी आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक केमिकल, ऑटो जैसे सेक्टर में कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने और तैयार माल पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने पर विचार हो रहा है। पूरी खबर बताते हुए सीएबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडीटर लक्ष्मण रॉय ने सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर कहा कि इस बजट में आत्मनिर्भर भारत पर खास फोकस होगा। इसके लिए किस्तों में इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव का रोडमैप रखा जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक इंडस्ट्री की सिफारिश है कि इंपोर्ट ड्यूटी के 3 स्लैब बनें। तैयार माल को स्टैंडर्ड स्लैब में रखा जाए। इंटरमीडियरीज को लोअर स्लैब में रखा जाए। वहीं,कच्चे माल को NIL या सबसे कम स्लैब में रखा जाए। केमिकल और एल्यूमिनियम जैसे सेक्टर की मांग है कि कच्चे माल को NILस्लैब में रखा जाए। ऑटो एंसीलरीज जैसे सेक्टर की मांग है कि तैयार माल पर इंपोर्ट ड्यूटी ज्यादा रखने पर विचार किया जाए।

अब आइए जानें कि नौकरीपेशा लोगों की बजट से क्या उम्मीदें हैं

कोरोना के बाद कई सेक्टर में नौकरीपेशा लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। सैलरी कम हुई है, लिहाजा खर्चे में कटौती पर मजबूर होना पड़ा है। ऐसे में आगामी बजट में मोदी सरकार से क्या चाहते हैं नौकरीपेशा लोग, इनकम टैक्स, होम लोन, मेडिकल खर्च से जुड़े मुद्दों पर क्या हैं सैलरीड क्लास की उम्मीदें, आइए जानते हैं कि इस पर सीएनबीसी-आवाज़ के प्रकाश प्रियदर्शी की खास रिपोर्ट क्या कहती है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक नौकरीपेशा लोगों की मांग है कि इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 5 लाख हो। स्टैंडर्ड डिडक्शन सीमा बढ़कर 1 लाख रुपए की जाए। होम लोन ब्याज पर छूट बढ़ाकर 2.50 लाख रुपए हो। नए घर खरीदारों को IT के मुताबिक ब्याज सब्सिडी मिले। हेल्थ बीमा पर प्रीमियम छूट की सीमा में बढ़ोतरी हो। स्टॉक मार्केट से कमाई पर डिविडेंड टैक्स हटाने की मांग की जा रही है। FD/RD से इंटरेस्ट आय पर TDS माफ हो। निजी स्कूलों में एजुकेशन फीस की सीलिंग तय हो। इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद पर डायरेक्ट सब्सिडी मिले। एक ही गाड़ी रखने पर सरकार फ्यूल सब्सिडी दे।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।