केंद्र सरकार को 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी (5G Spectrum Auction) से पहले दिन 1.45 करोड़ रुपये मिले हैं। केंद्रीय टेलीकॉम मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने मंगलवार 26 जुलाई को यह जानकारी दी। बता दें कि 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी आज से शुरू हुई है और पहले दिन चार राउंड की नीलामी हुई है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, "5G स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने तेजी से काम करके नीलामी की पूरी प्रोसेस को रिकॉर्ड समय में पूरा किया। दिन के अंत तक 4 राउंड पूरे हुए हैं। अभी तक की नीलामी को देखकर लग रहा है कि इस बार सरकार को सबसे ज्यादा आय मिलेगा।"
उन्होंने आगे बताया, " हमें आज की नीलामी से 1.45 लाख करोड़ रुपए का राजस्व मिला है। सभी चारों प्रतिभागियों ने इस नीलामी में हिस्सा लिया है। हमने नीलामी की प्रक्रिया को 14 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है और देश में 5G सेवाएं सितंबर-अक्टूबर तक शुरू हो जाएंगी।" इन चार प्रतिभागियों में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और अडानी डेटा शामिल है।
सरकार ने नीलामी शुरू होने से पहले 80,000 से 1 लाख करोड़ रुपये तक के रेवेन्यू मिलने की उम्मीद जताई थी। ऐसे में 1.45 लाख करोड़ रुपये की आय, सरकार के पिछले अनुमानित आय से करीब डेढ़ गुना अधिक है। सरकार को इससे पहले 2015 में स्पेक्ट्रम की नीलामी से 1.09 लाख करोड़ रुपये मिले थे, जो अब तक उसे मिली सबसे अधिक रेवेन्यू है।
हमारे सहयोगी चैनल CNBC-TV18 को सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 3,300 मेगाहर्ट्ज और 24 गीगाहर्ट्ज के मीडियम और हाई बैंड के लिए बोली में सबसे अधिक दिलचस्पी देखी गई। वहीं 720 मेगाहर्ट्ज के निचले बैंड के लिए भी पहली बार बोली मिली है। साल 2019 और 2021 की नीलामी में इस बैंड के लिए किसी ने बोली नहीं लगाई थी।
अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा कि उम्मीदल है कि नीलामी 27 जुलाई को पूरी हो जाएगी और 14 अगस्त तक उनका आवंटन भी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 5जी सेवाओं को लेकर टैरिफ क्या होगा, इस पर इंडस्ट्री फैसला ले सकता है।