Adani-Hindenburg Case: सुप्रीम कोर्ट ने SEBI को जांच पूरा करने के लिए दिया 14 अगस्त तक का समय

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को अदाणी ग्रुप (Adani Group) पर लगे आरोपों की जांच पूरा करने के लिए सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) को 14 अगस्त तक का समय दिया। अदाणी ग्रुप पर अमेरिका की एक शॉर्ट-सेलर फर्म ने शेयर की कीमतों में हेरफेर करने की कोशिश सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं

अपडेटेड May 18, 2023 पर 12:23 AM
सुप्रीम कोर्ट अब अदाणी-हिंडनबर्ग विवाद मामले में 11 जुलाई को सुनवाई करेगा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को अदाणी ग्रुप (Adani Group) पर लगे आरोपों की जांच पूरा करने के लिए सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) को 14 अगस्त तक का समय दिया। अदाणी ग्रुप पर अमेरिका की एक शॉर्ट-सेलर फर्म ने शेयर की कीमतों में हेरफेर करने की कोशिश सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि अदाणी ग्रुप ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। साथ ही चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अगुआई वाली 3 जजों की बेंच ने SEBI को अदाणी मामले में अबतक हुई जांच की ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। बेंच के अन्य सदस्यों में जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस पारदीवाला शामिल हैं।

बेंच ने अदाणी मामले में जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त किए गए जस्टिस ए एम सप्रे समिति की रिपोर्ट सभी पक्षकारों के साथ शेयर करने का भी आदेश दिया, ताकि वे इस मामले में अदालत की मदद कर सकें। यह रिपोर्ट कोर्ट को हाल ही में सौंपी गई है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते 2 मार्च को गौतम अदाणी की अगुवाई वाले ग्रुप पर लगे आरोपों की जांच के लिए 6 सदस्यीय समिति बनाने का आदेश दिया था। अमेरिका की शॉर्ट-सेलर कंपनी हिंडनबर्ग ने एक रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप पर ये आरोप लगाए लगाए थे। सुप्रीम कोर्ट अब अदाणी-हिंडनबर्ग विवाद मामले में 11 जुलाई को आगे की सुनवाई करेगा।


बेंच ने कहा, "SEBI को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए दिया गया समय 14 अगस्त 2023 तक बढ़ाया जाता है।" सप्रे पैनल को स्थिति का पूरा आकलन करने का जिम्मा सौंपा गया था, जिसमें शेयर बाजार में हाल में आई अस्थिरता के तत्कालिक कारणों का पता लगाना भी शामिल था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पैनल को वैधानिक और नियामकीय ढांचे को मजबूत बनाने और निवेशकों की सुरक्षा के लिए मौजूदा सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए उपाय सुझाने को कहा गया था।

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मार्केट रेगुलेटर SEBI ने अदाणी ग्रुप पर लगे आरोपों की जांच पूरी करने की समयसीमा को 6 महीने बढ़ाने की मांग की थी। SEBI की ओर से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अगस्त तक समय बढ़ाने की मांग पर बेंच को पुन:विचार करना चाहिए।

सीजेआई ने कहा, "आप हमें बताएं कि आपने क्या किया है, क्योंकि हमने आपको पहले ही 2 महीने का समय दिया था। फिर हमने आपको 3 माह का समय और दिया, जिसे मिला कर आपको पांच महीने मिल गए। आप 6 महीने मांग रहे हैं। हम आपको पांच महीने का समय पहले ही दे चुके हैं।"

सीजेआई ने मेहता से कहा, "हम अनिश्चितकालीन समय तक समयसीमा को नहीं बढ़ा सकते हैं। अगर कोई वास्तविक समस्या है, तो आप हमें बताएं।"

मेहता ने अनुरोध किया कि क्या जांच पूरी करने का समय सितंबर के आखिर तक बढ़ाया जा सकता है। इस पर सीजेआई ने कहा, "मिस्टर सॉलिसीटर, हमारे पास दो विकल्प हैं। हम आपको अभी ही 30 सितंबर तक का समय दे सकते थे। या फिर आप 15 अगस्त तक एफिडेविट दाखिल कर बताएं कि क्या स्थिति है। हमने प्रत्येक मुद्दे को नहीं देखा है, लेकिन हमने कहा है कि आप हमें जांच को लेकर एक ताजा स्टेटस रिपोर्ट देंगे।"

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