ATM बनाने वाली कंपनी AGS Transact 200 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी का इरादा इस फंड का इस्तेमाल कंपनी का बिजनेस बढ़ाने के लिए करने में है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फंड जुटाने के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, हालांकि इसे शेयरधारकों के अप्रुवल की जरूरत होगी। इस बीच आज 20 जून को कंपनी के शेयरों में 2.64 फीसदी की गिरावट देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 86.95 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 1,055.60 करोड़ रुपये है। पिछले एक साल में स्टॉक ने 46 फीसदी का रिटर्न दिया है।
प्रमोटर ग्रुप करेगा 150 करोड़ का निवेश
फाउंडर रवि गोयल के नेतृत्व में प्रमोटर ग्रुप 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जबकि शेष राशि आयुष मित्तल, अशित एम मेहता और राजीव मेहता जैसे बड़े नेटवर्थ वाले इंडिविजुअल के नेतृत्व में नॉन-प्रमोटर निवेशकों द्वारा लगाई जाएगी। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि उसके बोर्ड ने प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के साथ-साथ गैर-प्रमोटरों को 79.25 रुपए प्रति शेयर के प्राइस पर प्रेफरेंशियल वारंट के जरिए फंड जुटाने को मंजूरी दे दी है।
AGS Transact के चेयरमैन का बयान
AGS Transact के चेयरमैन और MD रवि बी गोयल ने कहा, "एजीएस ट्रांजैक्ट भारत में पेमेंट सॉल्यूशन स्पेस और डिजिटल बिजनेस में कई अवसरों में सबसे आगे है।" "यह फंड जुटाना कंपनी के लॉन्ग टर्म ग्रोथ के अनुरूप है, ताकि इस बदलते माहौल का लाभ उठाया जा सके। इसके साथ कंपनी आने वाले वर्षों में अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करते हुए विकास को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक रूप से तैयार है।" कंपनी अपने सर्विस बिजनेस की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसने वित्त वर्ष 24 में इसे रेवेन्यू का लगभग 95 फीसदी तक बढ़ा दिया है।
क्या है AGS Transact का प्लान
कंपनी अपने डिजिटल पेमेंट सेगमेंट, खास तौर पर प्रीपेड जारी करने के बिजनेस को बढ़ाने पर फोकस करेगी। जुटाए गए फंड का उपयोग एटीएम आउटसोर्सिंग बिजनेस और डिजिटल पेमेंट बिजनेस के ग्रोथ के लिए किया जाएगा। कंपनी ने यह भी कहा कि वह अगले कुछ वर्षों में कर्ज मुक्त होने के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में काम करेगी।
SBI के लिए ATM लगा रही है AGS Transact
AGS Transact ने भारतीय स्टेट बैंक के लिए एटीएम लगाना शुरू कर दिया है। कंपनी को FY24 में SBI से देश भर में 1350 एटीएम लगाने का ऑर्डर मिला है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि बैंकिंग ऑटोमेशन सॉल्यूशन पोर्टफोलियो के तहत प्राप्त यह ऑर्डर वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही तक पूरा होने की उम्मीद है। इस ऑर्डर में बैंकिंग ऑटोमेशन सॉल्यूशन और लॉन्ग टर्म एनुअल मेंटेनेंस प्रदान करना शामिल है।