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US-Iran War: Air India काफी प्रभावित, गैर-जरूरी खर्चों पर और सख्त नियंत्रण की जरूरत: CEO

कैंपबेल विल्सन ने कहा है कि विमान ईंधन की हाजिर कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई हैं। लेकिन Air India समूह पर इसका ज्यादातर प्रभाव अगले महीने से ही दिखाई देगा। कंपनी अपनी सामान्य पश्चिम एशिया उड़ानों का केवल 30 प्रतिशत ही संचालित कर पा रही है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 22, 2026 पर 3:38 PM
US-Iran War: Air India काफी प्रभावित, गैर-जरूरी खर्चों पर और सख्त नियंत्रण की जरूरत: CEO
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद से मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है।

एयर इंडिया (Air India) के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO कैंपबेल विल्सन ने कहा है कि समूह पश्चिम एशिया के संघर्ष से काफी प्रभावित हुआ है। वित्तीय तौर पर इसका असर अभी पूरी तरह से महसूस होना बाकी है। उन्होंने गैरजरूरी खर्चों पर पहले से कहीं अधिक सख्त नियंत्रण रखने की जरूरत पर भी जोर दिया है। घाटे में चल रही एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस पश्चिम एशिया संकट के कारण दूसरी एयरलाइन कंपनियों की तरह ऑपरेशंस में बाधाओं से जूझ रही हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद से मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है।

विल्सन ने कर्मचारियों को भेजे एक संदेश में कहा, ‘‘संघर्ष शुरू होने के बाद से 3 सप्ताह में हमें इस क्षेत्र की लगभग 2,500 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। आज की स्थिति में हम अपनी सामान्य पश्चिम एशिया उड़ानों का केवल 30 प्रतिशत ही संचालित कर पा रहे हैं। कई हवाई अड्डे और हवाई क्षेत्र बंद हैं, या उन्हें हमारे सुरक्षा मानकों से बाहर माना गया है।’’

हवाई क्षेत्र के प्रतिबंधों के कारण एयरलाइन की ब्रिटेन, यूरोप और उत्तरी अमेरिका की उड़ानें भी लंबे हवाई मार्गों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे ईंधन की खपत बढ़ गई है। विल्सन ने कहा कि पश्चिम एशिया के लिए और वहां से होकर गुजरने वाली उड़ानों की की बड़ी संख्या को देखते हुए एयर इंडिया समूह पर इसका प्रभाव महत्वपूर्ण है।

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