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Fibe IPO: लेंडिंग प्लेटफॉर्म कर रहा लिस्ट होने की तैयारी, ₹2000 करोड़ तक के इश्यू का जुलाई में जमा हो सकता है ड्राफ्ट

Fibe IPO: 2015 में शुरू हुई फाइब ने सैलरी एडवांस प्लेटफॉर्म के तौर पर शुरुआत की थी, लेकिन बाद में इसका विस्तार बड़े डिजिटल कंज्यूमर लेंडिंग बिजनेस में हुआ। सितंबर 2022 में इसने अपनी रीब्रांडिंग की। कंपनी की लोन बुक 1 अरब डॉलर से ज्यादा की है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jun 29, 2026 पर 1:12 PM
Fibe IPO: लेंडिंग प्लेटफॉर्म कर रहा लिस्ट होने की तैयारी, ₹2000 करोड़ तक के इश्यू का जुलाई में जमा हो सकता है ड्राफ्ट
Fibe का पुराना नाम EarlySalary था।

लेंडिंग प्लेटफॉर्म फाइब अपने IPO की तैयारी कर रहा है। जल्द ही इसके लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया जा सकता है। कंपनी अपने पब्लिक इश्यू के जरिए 2,000 करोड़ रुपये तक जुटा सकती है। मनीकंट्रोल को सूत्रों से पता चला है कि ड्राफ्ट अगले दो-तीन हफ्तों में जमा होने की उम्मीद है। इस IPO में नए शेयरों के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) भी रहेगा।

फाइब का पुराना नाम EarlySalary था। नए शेयरों को जारी करने से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल बैलेंस शीट को मजबूत करने और लोन बुक का विस्तार करने में किया जाएगा। फाइब में TPG, नॉर्वेस्ट वेंचर पार्टनर्स और इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) जैसे बड़े निवेशकों का भी पैसा लगा है।

2015 में शुरू हुई थी Fibe

2015 में शुरू हुई Fibe ने सैलरी एडवांस प्लेटफॉर्म के तौर पर शुरुआत की थी, लेकिन बाद में इसका विस्तार बड़े डिजिटल कंज्यूमर लेंडिंग बिजनेस में हुआ। सितंबर 2022 में इसने अपनी रीब्रांडिंग की। कंपनी अपनी NBFC (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) EarlySalary Services के जरिए काम करती है। Fibe इसका फ्रंट-एंड ब्रांड और ऐप है। कंपनी की लोन बुक 1 अरब डॉलर से ज्यादा की है। Fibe 940 से ज्यादा शहरों में काम करती है और 6,500 से ज्यादा मर्चेंट लोकेशन के साथ जुड़ी हुई है। Fibe के लोन का औसत टिकट साइज लगभग 95,000 रुपये है और लोन की औसत अवधि 14 महीने है।

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