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El Nino impact: मजबूत हो रहा अल नीनो! अगले 2 हफ्तों में मानसून को लेकर सामने आई टेंशन वाली बात, इन चीजों को लेकर रिस्क बढ़ा

El Nino impact: मौसम विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, मजबूत हो रहे अल नीनो के असर की वजह से अगले दो हफ्तों के दौरान देश के पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में औसतन से कम बारिश होने की संभावना है। मानसून में आने वाली इस सुस्ती और शुष्क मौसम के लंबे खिंचने से हाल ही में बोई गई कपास, सोयाबीन, मक्का और दालों (दलहन) की फसलों पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Aug 11, 2026 पर 7:13 PM
El Nino impact: मजबूत हो रहा अल नीनो! अगले 2 हफ्तों में मानसून को लेकर सामने आई टेंशन वाली बात, इन चीजों को लेकर रिस्क बढ़ा
El Nino impact: अल नीनो को लेकर कृषि क्षेत्र के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है

Monsoon & El Nino update: भारत की अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। मौसम विभाग (IMD) के दो वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, मजबूत हो रहे अल नीनो (El Nino) के असर की वजह से अगले दो हफ्तों के दौरान देश के पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में औसतन से कम बारिश होने की संभावना है। 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक मानसून में आने वाली इस सुस्ती और शुष्क मौसम के लंबे खिंचने से हाल ही में बोई गई कपास, सोयाबीन, मक्का और दालों (दलहन) की फसलों पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

मानसून में कमी से सिंचाई और कृषि आजीविका पर बड़ा असर

भारत में वार्षिक वर्षा का करीब 70 फीसदी हिस्सा मानसूनी बारिश से ही आता है। ये देश के महत्वपूर्ण जल स्रोतों को रीचार्ज करने के लिए बेहद जरूरी है। भारत में कृषि भूमि का लगभग आधा हिस्सा आज भी सिंचाई सुविधाओं से वंचित है और देश की करीब आधी आबादी अपनी आजीविका के लिए सीधे तौर पर कृषि पर निर्भर है।

न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, IMD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगले दो हफ्तों के दौरान देश के कुछ पूर्वी और उत्तरी राज्यों को छोड़कर अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इसदौरान देश के पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में बारिश की कमी काफी महत्वपूर्ण या गंभीर हो सकती है।

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