केंद्र सरकार ने शनिवार 9 दिसंबर को साफ किया कि गन्ने के जूस से एथनॉल बनाने पर लगाई गई रोक अस्थायी है और इस फैसले पर नियमित समीक्षा की जाएगी। कंज्यूमर अफेयर्स सेक्रेटरी, रोहित कुमार सिंह (Rohit Kumar Singh) ने यह जानकारी दी। केंद्र सरकार ने 7 दिसंबर को जारी एक नोटिफिकेशन में गन्ने के जूस और शुगर सीरप से एथनॉल के उत्पादन पर रोक का नोटिफिकेशन जारी किया था।
हमारे सहयोगी CNBC-TV18 को दिए एक इंटरव्यू में रोहित कुमार सिंह ने कहा, "हम लगातार पैदावार के आकड़ों पर पर नजर रखते हैं। मौसम को लेकर कुछ चिंताएं थीं। इसलिए हम अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं। हालांकि, समीक्षा प्रक्रिया नियमित जारी है। हर बुधवार को चार या पांच सचिव मिलते हैं। इसलिए समीक्षा प्रक्रिया नियमित है। इसलिए अगर कोई नया आंकड़ा आता है, या फैसला बदलने का कारण दिखता है, तो हम हमेशा ऐसा कर सकते हैं।"
केंद्र सरकार ने कहा था देश में चीनी की कमी नहीं हो, उसकी पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे, इसलिए यह फैसला किया गया है। इससे चीनी की कीमतों को काबू में रखने में मदद मिलेगा। हालांकि, सरकार ने 2023-24 में एथनॉल उत्पादन के लिए 'बीमोलासेज' के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है।
रोहित ने इस बात पर जोर डाला कि मुख्य उद्देश्य चीनी की घरेलू उपलब्धता बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले पेराई सीजन तक पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करना है। बता दें कि सरकार ने 2025 तक 20% एथनॉल मिक्स के लक्ष्य को हासिल करने की भी योजना बनाई है, ताकि जीवाश्म ईंधनों पर उसकी निर्भरता कम हो सके और पर्यावरणीय चिंताओं को दूर किया जा सके।
प्याज के निर्यात पर भी रोक
इस बीच भारत सरकार ने प्याज के निर्यात पर भी रोक लगा दिया है। यह रोक 8 दिसंबर से मार्च 2024 तक के लिए लगाया गया है। सरकार ने घरेलू बाजार में प्याज की कीमतों को नियंत्रित रखने और उसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चि करने के लिए यह रोक लगाया है। कंज्यूमर अफेयर्स सेक्रेटरी ने कहा कि सरकार प्याज की कीमतों पर लगातार नजर रखें हुए हैं और पूरे साल इसकी उपलब्धता को बनाए रखने की नीतियों को अमल में ला रहे हैं।